Bokaro: धनबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद ढुलू महतो द्वारा उठाए गए सवाल पर केंद्र सरकार ने बोकारो में Steel Authority of India Limited (SAIL) के स्कूलों को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सांसद ने आरोप लगाया था कि बोकारो में करीब 18 स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे शिक्षा के अधिकार (RTE) की भावना प्रभावित हो रही है।

स्कूल बंद होने से बच्चों पर असर का मुद्दा उठा
सांसद ने सवाल में कहा कि स्कूल बंद होने से बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसरों पर असर पड़ा है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि अभिभावकों को मजबूर होकर निजी स्कूलों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
सरकार ने ‘रैशनलाइजेशन’ का दिया तर्क
इस पर इस्पात मंत्रालय में राज्य मंत्री Bhupathiraju Srinivasa Varma ने जवाब देते हुए कहा कि SAIL ने अपने टाउनशिप में कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के लिए स्कूलों समेत कई सुविधाएं विकसित की थीं। हाल के वर्षों में बदलते कार्यबल, जनसंख्या और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए गैर-कोर सुविधाओं की समीक्षा और पुनर्गठन किया जा रहा है।

स्कूल बंद नहीं, मर्ज किए गए: सरकार

सरकार के अनुसार, नामांकन और संसाधनों के उपयोग के आधार पर कुछ स्कूलों को बंद नहीं बल्कि अन्य स्कूलों में समाहित (Merge) किया गया है। छात्रों और शिक्षकों को नजदीकी SAIL स्कूलों में समायोजित किया गया है, ताकि बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित हो सकें।
टाउनशिप में शिक्षा सुविधाएं अभी भी उपलब्ध
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बोकारो टाउनशिप में SAIL के स्कूलों के अलावा सरकारी और निजी स्कूल भी संचालित हैं, जिससे शिक्षा की सुविधा बनी हुई है।
स्थानीय प्रबंधन ने लिया फैसला
सरकार ने यह भी बताया कि टाउनशिप से जुड़े फैसले संबंधित SAIL यूनिट के प्रबंधन द्वारा नीतियों और आवश्यकताओं के अनुसार लिए जाते हैं। स्कूलों को फिर से खोलने को लेकर फिलहाल कोई निर्देश नहीं दिया गया है।

