Bokaro: सोमवार को बोकारो सिविल कोर्ट परिसर में बम धमाके की ई-मेल से मिली धमकी की जांच के बाद यह पूरी तरह फर्जी निकली। झारखंड जगुआर, स्पेशल ब्रांच और बोकारो पुलिस की संयुक्त टीम ने कोर्ट परिसर, जजों के चैंबर और बोकारो बार एसोसिएशन परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

SP Bokaro ने बताया..
एसपी बोकारो हरविंदर सिंह ने बताया कि मामले की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि बम धमाके की धमकी देने वाला ई-मेल पूरी तरह फर्जी था। रांची से आई झारखंड जगुआर की टीम और जिला पुलिस ने पूरे मामले की जांच की। ई-मेल की पूरी जानकारी खंगाली जा रही है और जांच के बाद आरोपियों की पहचान सामने लाई जाएगी।
ई-मेल मिलते ही मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह जब जिला अदालत खुली तो करीब नौ बजे कोर्ट के रजिस्ट्रार ने अपना ई-मेल चेक किया। ई-मेल में बोकारो कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। जानकारी मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस प्रशासन को तुरंत सूचना दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया गया, जिसके कारण दिनभर न्यायिक कार्य बाधित रहा।

बम का दावा
ई-मेल में ‘सौरव’ नाम से संबोधित करते हुए तमिलनाडु की एक घटना का जिक्र किया गया था। इसमें दावा किया गया कि बोकारो कोर्ट परिसर के अलग-अलग स्थानों पर सायनाइड गैस से भरे 14 बम लगाए गए हैं। ई-मेल में यह भी लिखा गया था कि इन बमों को आईएसआई द्वारा ड्रोन के जरिए गिराया गया है। हालांकि जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा निकला।
वकीलों और कर्मचारियों में दिखी चिंता
धमकी की खबर से कोर्ट पहुंचे वकील और कर्मचारी भी काफी चिंतित हो गए थे। कई लोगों को सुबह करीब 10 बजे जानकारी दी गई कि सुरक्षा कारणों से परिसर खाली करा दिया गया है। बाद में जब जांच में धमकी को अफवाह बताया गया तो सभी ने राहत की सांस ली। फिलहाल पुलिस ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है।

