Bokaro: 18 वर्षीय युवती के अपहरण और निर्मम हत्या का वह मामला, जिसने आठ महीने तक बोकारो पुलिस के पिंड्राजोड़ा थाना की निष्क्रियता और संदिग्ध भूमिका की परतों में दम तोड़ दिया था, आखिरकार झारखण्ड हाई कोर्ट के सख्त हस्तक्षेप के बाद विस्फोटक खुलासे के साथ सामने आया। जिस केस को सुलझाने में महीनों तक ढिलाई बरती गई, उसे नई SIT टीम ने महज एक दिन में सुलझा दिया – और इसी के साथ पुलिस महकमे की अंदरूनी सच्चाई भी उजागर हो गई।

SP का सख्त एक्शन: 28 पुलिसकर्मी एक साथ निलंबित
घटना के खुलासे के बाद बोकारो के हरविंदर सिंह ने जांच को यहीं नहीं थमने दिया, बल्कि इसकी जड़ों तक पहुँचने का सिलसिला जारी रखा, जो आखिरकार उनके अपने महकमे तक जा पहुंचा। बोकारो एसपी की गहन जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे सिस्टम को हिला कर दिया। जिसके बाद पिण्ड्राजोड़ा थाना में तैनात कुल 28 पुलिसकर्मियों – अनुसन्धान करता से लेकर आरक्षी तक—को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबित कर्मियों में 10 एएसआई, 5 अन्य अधिकारी, 2 सब-इंस्पेक्टर, 11 हवलदार और आरक्षी शामिल हैं। यह कार्रवाई राज्य में अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक अनुशासनात्मक कार्रवाई मानी जा रही है। बता दें, हाई कोर्ट के निर्देश पिंड्राजोड़ा थाना प्रभारी पहले ही सस्पेंड हो चुके है।
जांच में उजागर हुआ शर्मनाक गठजोड़
एसपी की समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि थाना स्तर पर न सिर्फ लापरवाही बरती गई, बल्कि आरोपी को बचाने के लिए सुनियोजित तरीके से काम किया गया। गोपनीय जानकारी लीक करना, साक्ष्यों को कमजोर करना, आरोपी के साथ पार्टी करना और पैसों का लेन-देन जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह खुलासा पुलिस-आरोपी गठजोड़ की भयावह तस्वीर पेश करता है।

मां की गुहार बनी टर्निंग प्वाइंट
24 जुलाई 2025 को पिंड्राजोड़ा थाना अंतर्गत खूँटाडीह निवासी रेखा देवी ने अपनी बेटी पुष्पा महतो के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। 4 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज हुआ, लेकिन महीनों तक जांच ठंडी पड़ी रही। आखिरकार कल्पते हुए मां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद पूरे सिस्टम में हलचल मच गई। हाई कोर्ट ने एक सदस्यीय समिति बना कर जाँच कर रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में सौपने का निर्देश दिया। जाँच में डीआईजी संध्या रानी मेहता पहुंची और फिर आठ महीने बाद जाँच शुरू हुई।
एक दिन में खुला मर्डर मिस्ट्री
नई SIT टीम, जिसका नेतृत्व डीएसपी अलोक रंजन कर रहे थे, ने तकनीकी और मानव साक्ष्यों के आधार पर महज एक दिन में केस का खुलासा कर दिया। 26 वर्षीय आरोपी दिनेश कुमार महतो को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर चास कॉलेज के पास जंगल से युवती का कंकाल, कपड़े और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया। यह मामला अब केवल एक हत्या नहीं, बल्कि पुलिस तंत्र की विफलता, भ्रष्टाचार और जवाबदेही के संकट की भयावह मिसाल बन चुका है, जिसने पूरे राज्य में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

