बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने अवैध बालू खनन का विरोध करते हुए सैकड़ों ट्रैक्टरों को खदेड़ दिया और कई ट्रैक्टरों की चाबियां जब्त कर लीं। दामोदर नदी से हो रहे इस अवैध खनन के कारण कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। जिला खनन विभाग ने कार्रवाई करते हुए अवैध रास्तों को बंद कर दिया। प्रशासन ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। खनन विभाग की कार्रवाई, अवैध रास्ते किए बंद
बुधवार सुबह जिला खनन विभाग की टीम ने आसनापानी गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जिस सड़क का उपयोग अवैध बालू परिवहन के लिए किया जा रहा था, उसमें ट्रेंच काट दिया गया ताकि अवैध खनन पर रोक लगाई जा सके। डिस्ट्रिक्ट माइनिंग ऑफिसर (DMO) रवि कुमार ने बताया कि डीसी बोकारो के निर्देश पर अवैध बालू खनन और ट्रांसपोर्टेशन रोकने के लिए व्यापक तैयारी की गई है।
पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण
अवैध बालू खनन के कारण दामोदर नदी के इंटेक वेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे असनापानी, कथारा बस्ती, तुरी, यादव टोला सहित कई गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। इससे नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को अवैध बालू लदे कई ट्रैक्टरों को नदी में रोक दिया और चाबियां छीन लीं।
ट्रैक्टर चालकों ने विरोध कर भागने की कोशिश की – See Video…..
कुछ ट्रैक्टर चालकों ने डायरेक्ट इंजन कनेक्शन जोड़कर भागने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के पूर्वी छोर से दिन-रात अवैध बालू का उठाव जारी है। इसके कारण नदी की गहराई बढ़ रही है और पश्चिमी छोर पर स्थित झारखंड सरकार की पेयजलापूर्ति योजना का इंटेक वेल सूख गया है।
रात में जेसीबी से बनाई गई मेढ़ भी हटाई जाती है
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जेसीबी से बालू की मेढ़ बनाकर इंटेक वेल तक पानी पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन रात में ही बालू उठाकर उसे हटा दिया जाता है। इसके कारण पिछले एक सप्ताह से गांवों में पानी की किल्लत बनी हुई है।
प्रशासन ने दिया समाधान का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही कथारा ओपी प्रभारी राजेश कुमार प्रजापति और पेटरवार थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि एक-दो दिनों के भीतर जेसीबी से बालू हटाकर इंटेक वेल तक पानी पहुंचाया जाएगा। साथ ही अवैध खनन रोकने के लिए नदी किनारे मिट्टी काटकर ट्रैक्टरों का रास्ता बंद कर दिया गया है।