Bokaro: इस महामारी के दौरान अगर आप नदियों और सार्वजानिक तालाबों में छठ पूजा कर रहे है, तो शहर के इन पांच नामचीन डॉक्टरों की अपील और सुझाव एक बार जरूर सुन ले। यह वही डॉक्टर्स है जो पिछले आठ महीनो में कोरोना के कई मरीजों का इलाज किये है, उनके बीच रहे है, स्तिथियो को संभाला है और बोकारो में कोविद की दूसरी लहर न आये इसके लिए चिंतित है. बोकारो में अभी तक 5808 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके है, जिसमे फ़िलहाल 146 एक्टिव केसेस है। :

बोकारो जनरल हॉस्पिटल के हृदयरोग विभाग के हेड, डॉ सतीश कुमार, जिनके अंदर कोविद वार्ड है, ने लोगो से छठ घाट में पूर्ण रूप से सावधानी बरतने को कहा है। मास्क पहनने और सोशल डिस्टन्सिंग का पालन किसी भी हालत में करने को कहा है। अगर घर में पूजा कर रहे है है तो इससे बेहतर कुछ भी नहीं। उन्होंने कहा की COVID महामारी के लहर को रोकने के लिए हमें पूजा के सीजन में सावधानी बरतनी ही होगी। हम सभी को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इन त्योहारों के महीनों में, हमे मास्क वाली दिवाली, मास्क वाली दशहरा, मास्क वाली ईद, मास्क वाली छठ पूजा और मास्क वाला क्रिसमस मनाना है। याद रखें, यह किसी के लिए अंतिम पूजा नहीं होनी चाहिए, हमें कई और आगे देखने के लिए जीवित रहना होगा।


बोकारो इस्पात संयंत्र के कोविद-19 नोडल ऑफिसर, डॉ आर के गौतम जो आठ महीने से कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे है, ने लोगो से अपील की है की घाट में पूजा करने वक्त कोविद गाइडलाइन्स का सख्ती से पालन करे। मेरी निजी राय में प्रतिबंधों की ढिलाई हमें कोरोना के दूसरी लहर (पोस्ट फेस्टिवल) के चपेट में ला सकती है। इसलिए अगर घर में पूजा कर रहे हो तो काफी सेफ है। फ़िलहाल बीजीएच में कोरोना के 13 मरीज है। इस वैश्विक कोविद संकट में, हमारा राज्य और शहर ठीक हो रहा है। इसलिए यह और भी जरुरी हो जाता है की हम शासन के द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करे।

बोकारो के जाने-माने शिशु रोग चिकित्सक और मुस्कान अस्पताल के डायरेक्टर, डॉ स मुंसी ने भी लोगो से अपील की है वह इस भयानक बीमारी से खुद को और बच्चों को बचाने की हर संभव कोशिश करे। इसके लिए समय पर हाथ धोना, सामाजिक दुरी और मास्क का उपयोग करना जरुरी है। छठ के इस पावन पर्व को घर पर मानना सबसे अच्छा है। सभी लोग आवश्यक सावधानियों को बरतते हुए पुरे भक्ति भाव से पूजा करे। छठ पूजा हिंदुओं के बीच मनाया जाने वाला सबसे शुभ और पवित्र त्योहार है, खासकर बिहार, झारखंड और यूपी में। पर हमें ध्यान रखना है की कोरोना संक्रमण महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है।

स्त्री रोग विशेषज्ञ और मदर केयर की प्रोप्रिएटर, डॉ अंजू परिरा ने लोगो से खासकर औरतो को बेहद सावधानी के साथ छठ घाट में पूजा करने की अपील की है। उन्होंने कहा की अक्सर औरते मास्क लगाना इग्नोर करती है। इस महामारी के दौरान मास्क पहनना उतना ही जरुरी है जितना अच्छे कपड़े पहनना और श्रृंगार करना। कोविद-19 अभी ख़त्म नहीं हुआ है। जो लोग घाट जा रहे है वह बिना मास्क लगाए नहीं जाये। गर्भवती औरते विशेष सावधानी बरते। भीड़-भाड़ वाले जगहो में जाने से परहेज करे। अभी तक कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं आयी है इसलिए सावधानी ही बचाव है। इस महामारी के दौरान घर पर पूजा करना ज्यादा अच्छा है। बोकारो में कई लोग घर पर ही पूजा कर रहे है।

सिविल सर्जन बोकारो डॉ ए के पाठक जिन्होंने इस पुरे कोरोनाकाल में स्थितयो को न केवल करीब से देखा है, बल्कि मेहनत कर संभाला भी है। उन्होंने लोगो से अपील की है की बिना मास्क के कोई घाट पर न जाये। सोशल डिस्टन्सिंग का पालन बिलकुल करे। बुजुर्ग और बच्चो को घाट में ले जाने से परहेज कर। क्युकी फ़िलहाल इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। अगर घर में छठ पूजा कर रहे है तो इससे बेहतर कुछ भी नहीं। जो लोग घाट जाकर पूजा कर रहे है चीज़ो को हलके में न ले। कोरोना को ले आजकल स्तिथि सुधरी हुई है , जो हलकी सी असावधानी से बिगड़ सकती है। अभी महामारी ख़त्म नहीं हुई है , इसलिए सावधानी अपने लिए, अपने-अपनों के लिए और दुसरो के लिए भी बरतनी होगी।
बोकारो जनरल अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, डॉ ए के सिंह ने लोगो से अपील करते हुए कहा है की अगर छठ घाट जा रहे है तो मास्क जरूर पहने और सोशल डिस्टन्सिंग का पालन दिल से करे। बोकारो में मरीज पिछले महीनो के तुलना में कम हुए है, पर अगर सावधानी नहीं बरती गयी तो कोरोना की दूसरी लहर की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता। छठ पर्व को पुरे भक्तिभाव से मनाये, पर साथ ही साथ सरकार द्वारा कोविद को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का पालन भी करे। बुजुर्गो से मेरी खास अपील है की भीड़-भाड़ वाले जगह में जाने से बचे। क्योकि जितने भी कोरोना के मरीज आजतक बोकारो में मिले है उसमे सबसे अधिक संख्या बुजुर्गो की है।
