Bokaro: ज़िले के चंदनकियारी में सड़क हादसे में माता-पिता को खो चुके तीन मासूम बच्चों के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का एक ट्वीट किसी फरिश्ते की मदद से कम साबित नहीं हुआ। कुछ ही दिनों में सिर से मां-बाप का साया उठ जाने के बाद पल्लवी, विमल मांझी और विधुत मांझी पूरी तरह टूट चुके थे। घर में चीख-पुकार, सूना आंगन और बच्चों की डरी हुई आंखें हर किसी का दिल पिघला रही थीं।

लेकिन तभी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का एक ट्वीट इन बच्चों के लिए उम्मीद की रोशनी बनकर सामने आया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर मामले का संज्ञान लेते हुए बच्चों की देखभाल, शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, पूरा जिला प्रशासन हरकत में आ गया। डीसी अजय नाथ झा, एसपी नाथू सिंह मीना समेत कई अधिकारी बच्चों के घर पहुंचे और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

DC ने भरोसा दिया- “अब तुम अकेले नहीं हो।” बच्चों की पढ़ाई, काउंसलिंग, आवास, बैंक खाता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विधायक चंदनक्यारी उमाकांत रजक एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दुबेकांटा के समीप उस स्थल का भी निरीक्षण किया जहां दुर्घटना हुई थी। गांव वालों की आंखें आज भी नम हैं। हर कोई यही कह रहा है – “अगर यह मदद समय पर नहीं मिलती, तो इन मासूमों का भविष्य शायद हमेशा के लिए बिखर जाता।”

