लखनऊ अग्निकांड के बाद बोकारो में फायर सेफ्टी को लेकर सख्ती बढ़ गई है। DC के निर्देश पर BSL ने प्लॉट मालिकों सहित कोचिंग संस्थान, हॉस्टल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायर NOC, सुरक्षा मानक पालन और शपथ पत्र जमा करने का सख्त आदेश जारी किया है।
Bokaro: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे देश में फायर सेफ्टी को लेकर सख्ती बढ़ गई है। इसी क्रम में बोकारो जिला प्रशासन की सक्रियता के बाद बोकारो स्टील प्लांट (BSL) प्रबंधन भी अलर्ट मोड में आ गया है। उपायुक्त अजय नाथ झा द्वारा BSL के डायरेक्टर-इनचार्ज को भेजे गए पत्र के बाद प्रबंधन ने तुरंत कदम उठाते हुए प्लॉट और दुकान मालिकों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।

कोचिंग, हॉस्टल और संस्थानों पर विशेष फोकस
बीएसएल के चीफ ऑफ़ कम्युनिकेशन (COC) मणिकांत धान ने कहा कि जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी), अग्नि सुरक्षा नियमों, विद्युत सुरक्षा मानकों एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन को लेकर बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) प्रबंधन ने प्लॉट एवं दुकान आवंटियों-मालिकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. BSL प्रबंधन ने खासतौर पर कोचिंग संस्थान, ट्यूटोरियल, लाइब्रेरी और निजी हॉस्टलों को तत्काल फायर सेफ्टी मानकों का पालन करने और वैध एनओसी प्राप्त करने का निर्देश दिया है। सभी संचालकों को अपने परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्पष्ट चेतावनी दी गई है।
राष्ट्रीय भवन संहिता और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
जारी निर्देशों में कहा गया है कि जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC), अग्नि सुरक्षा नियमों, विद्युत सुरक्षा मानकों और अन्य वैधानिक प्रावधानों का सख्ती से पालन अनिवार्य होगा। हर प्रतिष्ठान में अग्निशमन यंत्र और अन्य उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में होने चाहिए। COC ने कहा कि “अब से सक्षम प्राधिकारी से जारी वैध फायर सेफ्टी एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) तथा अन्य आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करना अनिवार्य होगा.”

आपातकालीन निकास और भीड़ नियंत्रण पर जोर
निर्देशों के अनुसार किसी भी भवन में सुरक्षित आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। सीढ़ियां, गलियारे और निकास मार्ग हमेशा बाधा रहित रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि “सीढ़ियां, गलियारे, निकास द्वार एवं आपातकालीन मार्ग हर समय अवरोधमुक्त रहने चाहिए। सभी विद्युत प्रतिष्ठान निर्धारित विद्युत सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने चाहिए. साथ ही किसी भी परिसर में स्वीकृत क्षमता से अधिक लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी।”
केवल स्वीकृत उपयोग के लिए परिसर का संचालन
BSL ने स्पष्ट किया है कि भवन या परिसर का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाए, जिसके लिए अनुमति ली गई है। कोचिंग, हॉस्टल, रेस्टोरेंट, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। COC ने कहा कि “किसी भी भवन में एक समय में उपस्थित लोगों की संख्या स्वीकृत क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा परिसर का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाए, जिसके लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त है।”
11 जुलाई 2026 तक शपथ पत्र जमा करना जरूरी
प्रबंधन ने सभी प्लॉट और दुकान आवंटियों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित शर्तों के अनुपालन का शपथ पत्र (लेटरहेड या 10 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर) 11 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा करें। अनुपालन न करने पर कार्रवाई की संभावना जताई गई है।
