Bokaro: ज़िले में अग्नि सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिले के किसी भी कोचिंग संस्थान, हॉस्टल, लाइब्रेरी या ट्यूटोरियल के पास फायर सेफ्टी NOC नहीं है। सबसे गंभीर बात यह है कि प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी किसी भी संस्थान ने Fire NOC के लिए आवेदन तक नहीं किया है।

प्रशासन के निर्देश बेअसर, जमीनी स्तर पर लापरवाही
फायर स्टेशन अधिकारी भगवान ओझा ने पुष्टि की है कि अब तक किसी भी संस्थान से Fire NOC का आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। 25 जून को लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने पूरे जिले में कोचिंग सेंटर, हॉस्टल, होटल, लाइब्रेरी और अन्य संस्थानों की अग्नि सुरक्षा जांच के आदेश जारी किए थे। इसके तहत सभी संस्थानों को Fire NOC सहित सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।

BSL टाउनशिप में भी गंभीर स्थिति
BSL टाउनशिप क्षेत्र में संचालित 30 से अधिक कोचिंग संस्थान और हॉस्टल बिना Fire NOC के चल रहे हैं। यह स्थिति सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। प्लॉटों पर चल रहे इन संस्थानों की लापरवाही को देखते हुए BSL प्रबंधन भी अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है।BSL के मुख्य संचार अधिकारी मणिकांत धन ने बताया कि कोचिंग संस्थान, हॉस्टल और अन्य इसी तरह के संस्थान चलाने वाले सभी प्लॉट एवं दुकान आवंटियों को विस्तृत नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है, लेकिन अब तक किसी भी स्तर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस नोटिस में नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के मानकों का सख्ती से पालन, कार्यशील अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, वैध फायर NOC, उचित निकासी मार्ग, विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन, क्षमता सीमा का अनुपालन तथा 11 जुलाई 2026 तक शपथ पत्र (affidavit) जमा करना अनिवार्य किया गया है।
प्रशासन और BSL सख्त कार्रवाई के मूड में
उपायुक्त अजय नाथ झा ने चास और बेरमो के SDM को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। साथ ही जल्द ही इस पूरे मामले पर समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी। संकेत साफ हैं कि अब प्रशासन और BSL प्रबंधन दोनों ही फायर सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई के मूड में हैं।

