Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) में महिला अधिकारियों के नेतृत्व कौशल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विशेष नेतृत्व विकास कार्यक्रम ‘तन्मात्रा’ का शुभारंभ किया गया। संस्कृत शब्द ‘तन्मात्रा’ से प्रेरित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम, प्रभावी और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए तैयार करना है।

समावेशी और भविष्य उन्मुख नेतृत्व तैयार करने की पहल
बीएसएल के लर्निंग एंड डेवलपमेंट विभाग द्वारा तैयार किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला अधिकारियों का एक सशक्त, प्रेरक एवं दीर्घकालिक नेतृत्व नेटवर्क विकसित करना है। इस पहल के माध्यम से संयंत्र में समावेशी, नवाचार आधारित तथा भविष्य उन्मुख नेतृत्व संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आने वाले समय में नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार हो सके।
पहले बैच में 30 महिला अधिकारियों का चयन
कार्यक्रम के पहले बैच में ई-4 से ई-7 ग्रेड की 30 महिला अधिकारियों का चयन किया गया है। इन अधिकारियों का नामांकन संबंधित विभागाध्यक्षों की अनुशंसा के आधार पर किया गया है। लगभग 90 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को आठ विषयगत मॉड्यूल में विभाजित किया गया है।

आठ मॉड्यूल में मिलेगा व्यापक प्रशिक्षण
‘तन्मात्रा’ कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को संयंत्र संचालन, वित्तीय एवं वाणिज्यिक प्रबंधन, सामग्री प्रबंधन, कार्य-जीवन संतुलन, विभिन्न संयंत्रों का अध्ययन, गवर्नेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन तथा परियोजना प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन मॉड्यूलों का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव के साथ आधुनिक प्रबंधन कौशल से भी लैस करना है।
राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए), मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमटीआई), रांची, Indian Institute of Management Ranchi तथा बीएसएल के अनुभवी विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षण सहयोगी के रूप में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेंगे। इन संस्थानों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को नेतृत्व, प्रबंधन और संगठनात्मक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण देंगे।
दो चरणों में होगा मूल्यांकन, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों का मूल्यांकन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में प्रत्येक मॉड्यूल के आधार पर सतत मूल्यांकन किया जाएगा, जबकि अंतिम चरण में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत केस स्टडी का आकलन अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) की अध्यक्षता में गठित वरिष्ठ मूल्यांकन समिति करेगी।
कार्यक्रम का समापन ‘स्नातक एवं सम्मान समारोह’ के साथ होगा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। बीएसएल प्रबंधन का मानना है कि यह पहल न केवल महिला अधिकारियों के नेतृत्व कौशल को सशक्त बनाएगी, बल्कि संगठन में विविधता, नवाचार और प्रभावी नेतृत्व संस्कृति को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।


