Bokaro: रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को लेकर रेलवे ने गैर-अधिकृत रूप से बेची जा रही पानी की बोतलों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में आद्रा रेलवे डिवीजन के अंतर्गत आने वाले बोकारो रेलवे स्टेशन पर जांच के दौरान करीब 70 कार्टून ऐसी पानी की बोतलें बरामद की गईं, जो रेलवे द्वारा बिक्री के लिए अधिकृत नहीं थीं। इन पानी की बोतलों को खुद बोकारो रेलवे के एरिया रेलवे मैनेजर विनीत कुमार ने पकड़ा है।

प्लेटफॉर्म 2-3 पर पकड़ी गईं गैर-अधिकृत पानी की बोतलें
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बोकारो रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में पानी की बोतलें मिलीं। इन बोतलों पर रेलवे उपयोग के लिए अनिवार्य पहचान चिह्न ‘For Rail Use’ अंकित नहीं था। साथ ही ये बोतलें रेलवे द्वारा अधिकृत ब्रांड की भी नहीं थीं। कार्रवाई के दौरान गैर-अधिकृत पानी बेचने वाले विक्रेता मौके से फरार हो गए। रेलवे की टीम ने बरामद पानी की बोतलों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सौंप दिया है।

अधिकृत वेंडरों को ही पानी बेचने की अनुमति
बोकारो रेलवे स्टेशन के एरिया रेलवे मैनेजर (ARM) विनीत कुमार ने सोमवार को बताया कि रेलवे यात्रियों को निर्धारित दर पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत वेंडरों के माध्यम से ही पानी की बिक्री की अनुमति देता है। उन्होंने कहा, “रेलवे प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में यात्रियों को 14 रुपये की किफायती दर पर पानी उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए रेलवे के कमर्शियल विभाग द्वारा केवल अधिकृत ब्रांड जैसे रेल नीर, बिसलेरी, एक्वाफिना, डाब और किनले आदि को ही अनुमति दी गई है।”
उन्होंने बताया कि बरामद की गई पानी की बोतलें रेलवे के लिए लाइसेंस प्राप्त नहीं थीं और इनमें से किसी पर भी रेलवे उपयोग संबंधी मानक अंकित नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा।
पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में सप्लाई की थी तैयारी
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, नियमित निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की नजर इन बोतलों पर पड़ी। बताया जा रहा है कि इन्हें दिल्ली से भुवनेश्वर जाने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में चढ़ाने की तैयारी थी। इसी दौरान दिल्ली जाने वाली झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के आने का समय भी नजदीक था। रेलवे टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए गैर-अधिकृत पानी की खेप को जब्त कर लिया। अब मामले की जांच की जिम्मेदारी RPF और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को दी गई है।
पानी की गुणवत्ता और सप्लाई नेटवर्क की होगी जांच
रेलवे अधिकारियों ने आशंका जताई है कि बिना अनुमति बिक रही इन पानी की बोतलों की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच जरूरी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाएंगी कि इन बोतलों में भरा पानी कहां से आता है, इसे कौन सप्लाई कर रहा है और इस अवैध कारोबार में कितने लोग शामिल हैं। बोकारो रेलवे स्टेशन में पोस्टेड सम्बंधित रेलवे अधिकारी और स्टाफ के नाक के नीचे ये अवैध पानी की बोतलें कैसे बिक रही थी। रेलवे के वरीय अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

