Bokaro: लुगुबुरु घंटाबाड़ी क्षेत्र के विकास को अब एक संगठित और संस्थागत स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। पर्यटन विभाग के निर्देश के बाद शनिवार को जिला प्रशासन ने प्रस्तावित लुगुबुरु घांटाबाड़ी विकास प्राधिकार के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण बैठक की। समाहरणालय में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्राधिकार की संरचना, अधिकार, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली के मसौदे पर विस्तार से मंथन किया गया।

विकास के साथ संस्कृति और परंपरा को बचाने पर जोर
बैठक का केंद्र केवल क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देना नहीं था, बल्कि लुगुबुरु घंटाबाड़ी की जनजातीय पहचान, आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए भविष्य की योजनाओं को आकार देना भी रहा। उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि प्रस्तावित विकास प्राधिकार के गठन से क्षेत्र में विकास एवं आयोजन से जुड़े कार्यों को अधिक व्यापक, व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की योजनाओं के साथ क्षेत्र की पारंपरिक एवं सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण रखना प्राथमिकता होगी। इससे लुगुबुरु घांटाबाड़ी के विकास को एक दीर्घकालिक दिशा देने में मदद मिलेगी।
प्राधिकार की रूपरेखा पर हुआ विस्तृत मंथन
बैठक में प्रस्तावित प्राधिकार के ड्राफ्ट को सामने रखते हुए उसके नाम और परिभाषा से लेकर गठन और संरचना तक विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। प्राधिकार के उद्देश्य, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की शक्तियां और कर्तव्य, सदस्य-सचिव की भूमिका तथा बैठकों की प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा सदस्यों को पद से हटाने की प्रक्रिया, प्राधिकार की शक्तियां एवं कार्य, प्रशासनिक नियंत्रण एवं मार्गदर्शन, नियम बनाने की शक्ति तथा वित्तीय व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों पर भी संबंधित अधिकारियों और प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए।

स्थानीय समिति की भूमिका बनी रहेगी
प्रस्तावित प्राधिकार की संरचना में स्थानीय भागीदारी को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थानीय समिति और क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में यह विचार सामने आया कि क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रही स्थानीय समिति की भूमिका और सहभागिता को बनाए रखते हुए प्राधिकार के माध्यम से विकास कार्यों को व्यापक स्तर दिया जाए। इससे प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय अनुभव के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।
नियम-कानून के अनुरूप तैयार होगा ड्राफ्ट
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित प्राधिकार का ड्राफ्ट निर्धारित नियम-कानून और प्रावधानों के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित स्तर से आवश्यक सुझाव और अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि आगे चलकर प्रशासनिक या तकनीकी स्तर पर किसी प्रकार की परेशानी सामने न आए। बैठक में ड्राफ्ट को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति बनी। इसे अगले दो-तीन दिनों के भीतर आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजने की तैयारी है।
बैठक में कई अधिकारी और प्रतिनिधि जुड़े
बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, वन पदाधिकारी संदीप शिंदे, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून, जिला कल्याण पदाधिकारी सुचिता किरण और सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लुगुबुरु घांटाबाड़ी आयोजन समिति के अध्यक्ष बबुली सोरेन, गोमिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि बैठक से जुड़े।
पर्यटन के साथ पहचान को नई दिशा देने की उम्मीद
लुगुबुरु घांटाबाड़ी क्षेत्र अपनी जनजातीय आस्था और सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। ऐसे में प्रस्तावित विकास प्राधिकार को लेकर जिला प्रशासन की पहल को क्षेत्र के सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्राधिकार के गठन के बाद विकास योजनाओं, आयोजन व्यवस्था, पर्यटन सुविधाओं और क्षेत्रीय जरूरतों को एक समन्वित ढांचे में आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। साथ ही स्थानीय समुदाय की भागीदारी के जरिए विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच संतुलन कायम करने की कोशिश होगी।


