Bokaro: सेक्टर चार थाना क्षेत्र निवासी और बंसल क्लासेस (Bansal Classes) कोचिंग सेंटर के प्रबंध निदेशक और शिक्षक प्रांजल कुमार भारती (40) का शव शनिवार को जमुनिया नदी से बरामद किया गया। तीन दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता शिक्षक की तलाश में बोकारो और बाघमारा पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान नदी के बीच एक बड़ी चट्टान पर शव अटका मिला। प्रांजल कुमार भारती ने खड़गपुर से IIT की शिक्षा प्राप्त की थी और अब अपने सिटी सेंटर ब्रांच में छात्रों को पढ़ाया करते थे।

तीन दिन पहले स्कूटी लेकर घर से निकले थे
जानकारी के अनुसार प्रांजल कुमार भारती (Pranjal Kumar Bharti) पिछले तीन दिनों से घर से लापता थे। उनकी पत्नी वंदना सिंह ने बताया कि प्रांजल पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। तीन दिन पहले 6 अगस्त को वह अचानक स्कूटी लेकर घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो शुक्रवार शाम करीब चार बजे उनकी पत्नी ने सेक्टर चार थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
मोबाइल लोकेशन से मिली स्कूटी
सेक्टर 4 ऑफिसर इंचार्ज संजय कुमार ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस ने प्रांजल के मोबाइल की लोकेशन के आधार पर जमुनिया नदी के नये पुल के समीप तलाश की। शुक्रवार देर शाम वहां से उनकी स्कूटी लावारिस हालत में बरामद हुई। स्कूटी मिलने के बाद पुलिस को नदी में उनकी मौजूदगी की आशंका हुई और तलाशी अभियान तेज कर दिया गया। शनिवार को बाघमारा पुलिस ने सेक्टर चार थाना के इंस्पेक्टर संजय कुमार के सहयोग से नदी और आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। काफी खोजबीन के बाद पुलिस टीम को नदी के बीचों-बीच एक बड़े चट्टान पर प्रांजल का शव अटका हुआ मिला।

पानी में रहने से शव की हालत खराब
पुलिस ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव का पंचनामा तैयार किया। पानी में काफी समय तक रहने के कारण शव की हालत खराब हो चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, धनबाद भेज दिया गया है। सेक्टर चार थाना की पुलिस ने बाघमारा पुलिस के सहयोग से मामले की जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि पूरे मामले की तहकीकात की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक की मौत से शिक्षा जगत में शोक
प्रांजल कुमार भारती के असामयिक निधन की खबर से बोकारो के शिक्षा जगत में शोक की लहर है। बंसल क्लासेस से जुड़े विद्यार्थियों, शिक्षकों और परिचितों के बीच घटना को लेकर गहरा दुख है। मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के प्रांजल के निधन की खबर सुनकर उनके परिचित स्तब्ध रह गए। शिक्षाप्रेमियों और बुद्धिजीवियों ने प्रांजल भारती की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
झारखंड के ‘यूथ आइकॉन’ बने थे प्रांजल भारती

प्रांजल कुमार भारती को झारखंड राज्य के रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर ‘यूथ आइकॉन ऑफ झारखंड 2025’ सम्मान से नवाजा गया था। उन्हें यह सम्मान झारखंड के वित्त मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रदान किया गया। यह सम्मान बोकारो स्टील सिटी और यहां के विद्यार्थियों के लिए गौरव का क्षण माना गया। उन्हें यह पुरस्कार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को IIT जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में सफलता दिलाने के उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया था। वर्ष 2025 में आर्थिक रूप से कमजोर छात्र रोशन भास्कर का IIT मद्रास में चयन सहित पिछले करीब 15 वर्षों में बंसल क्लासेस बोकारो और IITian’s Concept के माध्यम से सैकड़ों विद्यार्थियों ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में सफलता हासिल की है।


