Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) प्रबंधन ने बोकारो स्टील एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव हाउस कंस्ट्रक्शन सोसाइटी लिमिटेड (BSECHCS) को लीज एग्रीमेंट की शर्तों और निर्धारित प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में बीएसएल ने समिति को नोटिस जारी कर सदस्यता, प्लॉट आवंटन और भवनों के हस्तांतरण से जुड़ी व्यवस्था को मूल लीज समझौते के अनुरूप संचालित करने को कहा है।

60 वर्षों के लिए दी गई थी 90 एकड़ जमीन
बीएसएल के अनुसार, बोकारो स्टील एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव हाउस कंस्ट्रक्शन सोसाइटी को आवासीय उद्देश्य से 60 वर्षों की अवधि के लिए जमीन लीज पर दी गई थी। 4 दिसंबर 1970 को निष्पादित लीज एग्रीमेंट के तहत करीब 90 एकड़ भूमि का उपयोग बोकारो स्टील प्लांट के सेवारत कर्मचारियों के लिए सहकारी आवासीय कॉलोनी विकसित करने के उद्देश्य से किया जाना था।
लीज समझौते में प्लॉट और निर्मित भवनों के आवंटन तथा उनके हस्तांतरण को लेकर भी स्पष्ट शर्तें निर्धारित की गई हैं। बीएसएल ने अपने नोटिस में लीज एग्रीमेंट की धारा 4, 12 और 16 का हवाला देते हुए कहा है कि भूमि और उससे संबंधित हस्तांतरण की व्यवस्था मूल समझौते के प्रावधानों के अनुरूप ही होनी चाहिए।

2022 में बायलॉज में किया गया था संशोधन
बीएसएल ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में को-ऑपरेटिव सोसाइटी ने बीएसएल की अनुमति के बिना अपने बायलॉज में संशोधन किया। इसके तहत नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ बीएसएल के भूतपूर्व एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी समिति की सदस्यता के दायरे में शामिल किया गया। बीएसएल ने इसे मूल लीज एग्रीमेंट की शर्तों के विपरीत बताया है। प्रबंधन का कहना है कि समिति के बायलॉज में एकतरफा बदलाव किए जाने से बीएसएल के साथ निष्पादित लीज एग्रीमेंट की मूल शर्तों में कोई बदलाव नहीं होता।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लेकर बीएसएल का स्पष्ट रुख
बीएसएल ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि लीज पर दी गई जमीन का इस्तेमाल मूल समझौते के अनुसार बोकारो स्टील प्लांट के सेवारत कर्मचारियों की आवासीय सुविधा के लिए किया जाना था। इसी तरह प्लॉट अथवा निर्मित भवनों के हस्तांतरण का प्रावधान भी सेवारत कर्मचारियों तक सीमित था।
प्रबंधन के अनुसार, लीज एग्रीमेंट में सेवानिवृत्त या पूर्व कर्मचारियों अथवा नामित व्यक्तियों (Nominees) के पक्ष में भूमि, प्लॉट या भवन के हस्तांतरण का प्रावधान नहीं है। इसलिए समिति की सदस्यता और प्लॉट अथवा भवनों के आवंटन एवं हस्तांतरण की व्यवस्था मूल लीज शर्तों के मुताबिक ही संचालित की जानी चाहिए।
30 दिनों में व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश
बीएसएल ने समिति को 30 दिनों के भीतर अपनी सदस्यता और हस्तांतरण संबंधी व्यवस्था को मूल लीज एग्रीमेंट के अनुरूप पुनर्स्थापित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, लीज की शर्तों के विपरीत किसी भी प्लॉट या भवन के हस्तांतरण, म्यूटेशन अथवा अन्य प्रकार के हस्तांतरण पर तत्काल रोक लगाने को कहा गया है। इसके अलावा, समिति से अब तक किए गए प्लॉट और भवनों के हस्तांतरण का विस्तृत ब्योरा भी मांगा गया है। बीएसएल ने पूरे लीज क्षेत्र के भौतिक सत्यापन और ऑडिट की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
अनधिकृत हस्तांतरण की जांच होगी
बीएसएल का कहना है कि भौतिक सत्यापन और ऑडिट के जरिए संभावित अनधिकृत हस्तांतरण अथवा अन्य गतिविधियों की पहचान की जाएगी। प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्देशों का अनुपालन नहीं होने की स्थिति में लागू कानूनों और लीज एग्रीमेंट में शामिल संविदात्मक प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
बीएसएल ने सभी संबंधित पक्षों से लीज एग्रीमेंट की शर्तों, लागू वैधानिक प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा है। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्लॉट या भवन के हस्तांतरण अथवा इससे जुड़े लेन-देन से पहले संबंधित संविदात्मक एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी लेना और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होगा।


