Bokaro: शहर के प्रतिष्ठित चिन्मय विद्यालय के प्रिंसिपल सूरज शर्मा के इस्तीफे की खबर शनिवार को उनके फेयरवेल कार्यक्रम के बाद सामने आई। स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिलने के बाद पूरे दिन यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। करीब चार वर्षों तक विद्यालय की जिम्मेदारी संभालने वाले सूरज शर्मा के अचानक पद छोड़ने की खबर से स्कूल से जुड़े अभिभावकों और शहर के शिक्षा जगत में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विद्यालय में प्रिंसिपल पद को लेकर रेस बढ़ गई है, स्कूल के अंदर से लेकर बाहर तक कई नाम चर्चा में है।

चार साल पहले संभाली थी प्राचार्य की जिम्मेदारी
सूरज शर्मा इससे पहले रांची के प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड स्कूल के प्राचार्य रह चुके हैं। करीब चार वर्ष पूर्व उन्होंने चिन्मय विद्यालय, बोकारो के प्रिंसिपल का पद संभाला था। कार्यकाल के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और गतिविधियों को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया। धीरे-धीरे उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। ऐसे में उनके इस्तीफे की खबर ने स्कूल समुदाय से जुड़े लोगों को चौंका दिया है। हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वजह को लेकर शहर में अलग-अलग तरह की चर्चाएं होने लगी हैं।
जून में ही दे चुके थे इस्तीफा !
सूत्रों के अनुसार, सूरज शर्मा ने जून में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, इस पूरे मामले को गोपनीय रखा गया और स्कूल प्रबंधन की ओर से भी इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपना नोटिस पीरियड पूरा किया। नोटिस पीरियड के दौरान उन्होंने विद्यालय के दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का भी सफलतापूर्वक संचालन कराया। इनमें कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का विद्यालय में आगमन भी शामिल था। इसके बाद शनिवार को उनके फेयरवेल कार्यक्रम के साथ उनके इस्तीफे की जानकारी सामने आई।

बोले- करियर को आगे बढ़ाने के लिए लिया फैसला
इस्तीफे की पुष्टि के लिए जब प्रिंसिपल सूरज शर्मा से संपर्क किया गया तो उन्होंने सादगी के साथ इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस्तीफा दिया है और अब दिल्ली जा रहे हैं। हालांकि, इस्तीफे से जुड़े कुछ अन्य सवालों पर उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने इतना जरूर कहा कि बोकारो में उन्हें लोगों से बेहद प्यार और आशीर्वाद मिला है और वह इस स्नेह को जीवनभर अपने दिल में संजोकर रखेंगे।
अब किसे मिलेगी चिन्मय विद्यालय की कमान ?
सूरज शर्मा के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चिन्मय विद्यालय का अगला प्रिंसिपल कौन होगा? स्कूल के नए प्राचार्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जाता है कि चिन्मय मिशन की ओर से प्रिंसिपल के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाता है। इसके लिए विद्यालय के सेक्रेटरी और प्रेसिडेंट की ओर से नाम की अनुशंसा किए जाने की प्रक्रिया बताई जाती है। दोनों ही बीएसएल (BSL) से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। काफी वर्षों से दोनों स्कूल की कमान संभाल रहे हैं। विद्यालय के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले और गतिविधियां भी मुख्य रूप से उनके निर्देश और मार्गदर्शन में संचालित होती हैं।
स्कूल के अंदर से ही नए प्रिंसिपल की चर्चा
इस बीच चर्चा है कि संभव है कि अगला प्रिंसिपल विद्यालय के मौजूदा शिक्षकीय नेतृत्व से ही चुना जाए। स्कूल के दो वाइस प्रिंसिपल के नाम भी संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि यदि स्कूल के अंदर से ही किसी को प्राचार्य बनाया जाना तय होता, तो जून में सूरज शर्मा के इस्तीफे के बाद से ही इस दिशा में प्रक्रिया शुरू हो गई होती। दूसरी ओर, बोकारो के अलावा आसपास के जिलों के अनुभवी शिक्षाविदों के नाम भी संभावित दावेदारों में सामने आने की चर्चा है। ऐसे में नए प्रिंसिपल की नियुक्ति को लेकर आने वाले दिनों में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
प्रबंधन के आधिकारिक बयान का इंतजार
पूरे मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन से आधिकारिक प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई स्पष्ट बयान प्राप्त नहीं हो सका था। प्रबंधन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा। फिलहाल, सूरज शर्मा के इस्तीफे के बाद चिन्मय विद्यालय के नए प्राचार्य को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विद्यालय की कमान आगे किसके हाथों में सौंपी जाती है।
