Bokaro: चास प्रखंड की कांड्रा पंचायत अंतर्गत लबुडीह गांव में गुरुवार को उस समय मातम पसर गया, जब रोजगार की तलाश में बंगलोर जा रहे 40 वर्षीय संजय बाउरी का शव गांव पहुंचा। संजय की चलती ट्रेन से गिरने के कारण मौत हो गई थी।

रोजगार की तलाश में बंगलोर जा रहे थे संजय
परिजनों के अनुसार, संजय बाउरी सोमवार को कुछ परिचितों के साथ रोजगार की तलाश में बंगलोर जा रहे थे। इसी दौरान आंध्र प्रदेश के मोगरलापले रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन में सफर के दौरान यह हादसा हो गया।
ट्रेन के गेट पर खड़े रहने के दौरान हुआ हादसा
बताया गया कि संजय ट्रेन के गेट के पास खड़े थे। इसी दौरान अचानक उन्हें झपकी आ गई और संतुलन बिगड़ने से वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

शव पहुंचते ही गांव में पसरा मातम
गुरुवार को जब संजय का शव लबुडीह गांव पहुंचा तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। घटना की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
संजय की मौत की खबर से उनकी पत्नी लखी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। शव पहुंचने के बाद वह बार-बार बेहोश हो रही थीं। परिवार के अन्य सदस्यों का भी दुख से बुरा हाल है।
बेटे और बेटी का भी बुरा हाल
संजय के 15 वर्षीय पुत्र मुकेश बाउरी और 20 वर्षीय बेटी मामोनी देवी अपने पिता की मौत से सदमे में हैं। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था संजय
परिजनों के मुताबिक, संजय बाउरी परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने और रोजगार की तलाश में वह बंगलोर जा रहे थे। लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही हादसे ने उनकी जान ले ली।
परिवार पर दुख के साथ गहराया आर्थिक संकट
संजय की मौत से परिवार ने अपना सहारा खो दिया है। एक ओर परिजन असमय मौत के सदमे से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परिवार के सामने आर्थिक संकट भी गहरा गया है। गांव के लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।


