Bokaro: केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अब गांव-गांव जाकर जनमत तैयार करने की रणनीति तेज कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार को चास प्रखंड क्षेत्र में जन-जागरण अभियान चलाया गया। झामुमो नेताओं ने लोगों के बीच पहुंचकर विधेयक के संभावित प्रभावों की जानकारी दी और झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों के अधिकार की लड़ाई को और मजबूत करने का आह्वान किया।डुमरो सेवनडीह स्थित झामुमो कार्यालय से शुरू हुआ यह अभियान बांसगोड़ा पंचायत होते हुए रितुडीह पंचायत तक पहुंचा। अभियान के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों से संवाद किया और आगामी आंदोलन में भागीदारी की अपील की।

विधेयक वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन: मंटू यादव
अभियान को संबोधित करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा बोकारो महानगर अध्यक्ष मंटू यादव ने केंद्र सरकार पर झारखंड के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक खान एवं खनिज संशोधन विधेयक वापस नहीं लिया जाता, तब तक झामुमो का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता इस लड़ाई के लिए तैयार है। झारखंड और झारखंडियों को उनका अधिकार मिलने तक संघर्ष रुकने वाला नहीं है।
अलग राज्य के आंदोलन से अधिकारों की लड़ाई तक
मंटू यादव ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में लंबे संघर्ष के बाद अलग झारखंड राज्य का सपना साकार हुआ। अब पार्टी झारखंड की प्राकृतिक संपदा और राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर झारखंड के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोयला और खनन से मिलने वाली राशि राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।मंटू यादव ने कहा, “कोयला हमारा, खनिज हमारा और अधिकार भी हमारा है।” उन्होंने लोगों से झारखंड के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

31 अगस्त तक चलेगा अभियान, 7 सितंबर को धरना
झामुमो ने आंदोलन का अगला चरण भी तय कर दिया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक चरणबद्ध तरीके से जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 7 सितंबर को चास प्रखंड मुख्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।मंटू यादव ने कहा कि धरना-प्रदर्शन की तैयारियों में पार्टी कार्यकर्ता जुट गए हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अपने अधिकार, सम्मान और झारखंड के अस्तित्व से जुड़ी इस लड़ाई में सहयोग करें और 7 सितंबर को बड़ी संख्या में चास प्रखंड मुख्यालय पहुंचें।
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होगा संघर्ष
झामुमो नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी का आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा। संगठन के कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
जन-जागरण अभियान का संचालन चास प्रखंड सचिव मनोज महतो ने किया।
अभियान में जिला प्रवक्ता आकाश टुडू, चास नगर अध्यक्ष प्रमोद तापड़िया, फिरोज अंसारी, प्रदीप यादव, मुटूकलाल किस्कू, भीमसेन सोरेन, श्रेष्ठ ठाकुर, कलीम बाबू अंसारी, दुर्गा शर्मा, नौशाद आलम, राम रेड्डी, धनेश्वर मांझी, महानंद मांझी, एनुल अंसारी, भारत पांडे, राजू मांझी, नूर शब्बा, आशा देवी, शाहजहां खातून, चांद तारा देवी, पुतुल कुमारी, मोहिनी देवी, सोना मरांडी, सविता देवी, सीमा देवी, नफीस अहमद, कमला देवी, बबिता देवी, महेश्वरी देवी, गुलाबी देवी, सीता सोरेन, रेखा सोरेन और पार्वती सोरेन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
