Bokaro: शहर का जैनामोड़-फुसरो सड़क की बदहाली ने शनिवार को ऐसा नजारा पेश किया, जिसे देखकर शायद सरकारी व्यवस्था भी शर्म से पानी-पानी हो जाए – हालांकि सड़क के गड्ढों में पहले से ही पानी की कोई कमी नहीं थी। खुटरी ठाकुरटांड़ गांव के समीप जमा गंदे और कीचड़युक्त बारिश के पानी में आजसू पार्टी किसान मोर्चा के संगठन सचिव बजरंगी सिंह ने बाकायदा स्नान कर सरकारी व्यवस्था के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया।

सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी इस कदर जमा है कि राहगीरों को सड़क कम और सरकारी कृपा से तैयार किया गया ‘मुफ्त का तालाब’ ज्यादा नजर आ रहा है। इसी तालाब में उतरकर बजरंगी सिंह ने स्नान किया और पीडब्ल्यूडी विभाग तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
गंदा पानी, मुफ्त सुविधा – जनता को और क्या चाहिए!
जैनामोड़-फुसरो सड़क का हाल देखकर लगता है कि विकास शायद रास्ते में ही किसी गड्ढे में फंस गया है। सड़क के गड्ढों में जमा गंदा पानी अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब है। बजरंगी सिंह ने इसी विडंबना को उजागर करने के लिए गंदे पानी में स्नान किया। उनका प्रदर्शन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए सड़क से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार भी थम गई।

सड़क की जगह मिला ‘तालाब’, अब शायद नाव की बारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। बारिश होते ही गड्ढों में पानी भर जाता है और राहगीरों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि वे सड़क पर चल रहे हैं या गड्डे में। कुछ लोगो का ये कहना है कि ‘विकास’ का यह अनोखा मॉडल भी तो जनता को देखने को मिल रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों की परेशानी मजाक नहीं है। जलभराव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है और दोपहिया चालकों को विशेष परेशानी हो रही है। लोगों की मांग है कि गड्ढों में मिट्टी या पत्थर डालकर अस्थायी खानापूर्ति करने के बजाय सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए।
सरकार से सवाल : अगली बार स्नान के लिए मंत्री आएंगे या जनता ?
बजरंगी सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सड़क का जल्द निर्माण नहीं कराया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल उनका गंदे पानी में स्नान सरकार और विभाग के लिए एक तीखा संदेश है। क्योंकि जब सड़क गड्ढों में बदल जाए, गड्ढे तालाब बन जाएं और तालाब में जनता स्नान करने लगे, तो सवाल सिर्फ सड़क का नहीं रहता – सवाल यह होता है कि आखिर विकास गया कहां ? शायद वह भी इसी गंदे पानी में डुबकी लगा रहा है।
सड़क के खस्ताहाल को लेकर Bokaro Public Relation Department ने ये प्रेस रिलीज़ 24 अगस्त को जारी की थी…
जिला जनसंपर्क कार्यालय
TeamPRDBokaro
सूचना भवन, बोकारो
दिनांक: 24.08.2026
प्रेस विज्ञप्ति: 1142
जैनामोड़-फुसरो पथ के गड्ढों की मरम्मत कर यातायात योग्य बनाया गया
बेरमो अनुमंडल अंतर्गत जैनामोड़-फुसरो पथ पर बने गड्ढों को लेकर पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई है। आरसीडी के कार्यपालक अभियंता श्री अमित कुमार ने सोमवार को बताया कि पथ का भौतिक निरीक्षण कर विभिन्न पथांशों में बने गड्ढों की मरम्मत कर पथ को यातायात योग्य बना दिया गया है।
उन्होंने बताया कि जैनामोड़ (बिलका मांझी चौक) से फुसरो (निर्मल महतो चौक) तक एमडीआर-077 पथ की कुल लंबाई 15.900 किलोमीटर है। पथ के दो लेन का पेव्ड शोल्डर सहित चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जाना है। परियोजना में पुल निर्माण, आरएंडआर, पौधरोपण तथा विद्युत एवं जलापूर्ति से संबंधित उपयोगिता सेवाओं का स्थानांतरण भी शामिल है।
उक्त पथ के पुनर्निर्माण कार्य के लिए झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकार (एसएचएजे), रांची द्वारा निविदा प्रक्रिया पूरी कर न्यूनतम दरदाता (एल-1) संवेदक का चयन कर लिया गया है तथा आशय पत्र (एलओए) निर्गत किया जा चुका है। शीघ्र ही पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
वर्तमान में मानसून की स्थिति को देखते हुए पथ को यातायात योग्य बनाए रखने के लिए एसएचएजे के सदस्य (तकनीकी) द्वारा संवेदक को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पथ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार तात्कालिक मरम्मत कार्य भी कराया जा रहा है।
कार्यपालक अभियंता श्री अमित कुमार ने बताया कि पथ के स्थायी पुनर्निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा शीघ्र कार्य प्रारंभ होगा। मानसून के दौरान आमजनों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए पथ को यातायात योग्य बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


