Bokaro : किसी के जाने के बाद भी अगर उसकी वजह से कई जिंदगियां बच जाएं और किसी अंधेरे जीवन में आंखों की रोशनी लौट आए, तो इससे बड़ा मानवीय योगदान शायद ही कोई हो। इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) में बुधवार को ‘जुग जुग जियो अभियान’ के तहत अंग एवं नेत्रदान जागरूकता रैली निकाली गई।

BGH परिसर से निकली जागरूकता की आवाज
अंग एवं नेत्रदान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित इस रैली को बीजीएच परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली में अस्पताल के चिकित्सकों, कर्मचारियों और अन्य सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। रैली के माध्यम से लोगों को अंग एवं नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक करने के साथ इस महान मानवीय पहल से जुड़ने का संदेश दिया गया।
‘जुग जुग जियो’ का संदेश—जिंदगी खत्म नहीं, किसी की जिंदगी शुरू हो सकती है
बीजीएच की ओर से चलाया जा रहा ‘जुग जुग जियो अभियान’ भारत सरकार की राष्ट्रव्यापी अंगदान जागरूकता पहल का हिस्सा है। यह अभियान राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा, 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026, के दौरान विशेष रूप से लोगों तक अंग और नेत्रदान का संदेश पहुंचा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल लोगों को अंगदान के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और गलत धारणाओं को भी दूर करना है। जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को समझाया जा रहा है कि सही जानकारी और इच्छाशक्ति के साथ किया गया अंगदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवन का नया अध्याय बन सकता है।

एक नेत्रदान… किसी की दुनिया फिर हो सकती है रोशन
अभियान में विशेष जोर नेत्रदान और कॉर्निया दान पर दिया जा रहा है। बीजीएच के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि नेत्रदान के जरिए कॉर्नियल अंधत्व से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है। किसी व्यक्ति के लिए दुनिया का रंग खो देना जितना बड़ा दर्द है, उतना ही बड़ा उपहार हो सकता है किसी दानदाता की आंखों से मिली रोशनी। यही वजह है कि लोगों को नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
रैली के साथ पोस्टर और क्विज से भी जागरूकता
‘जुग जुग जियो अभियान’ के तहत केवल रैली तक ही गतिविधियां सीमित नहीं हैं। बीजीएच में नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और क्विज प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के जरिए विशेष रूप से युवाओं और आम नागरिकों को अंग एवं नेत्रदान से जुड़ी सही जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है।
अंगदान सिर्फ दान नहीं, किसी परिवार की उम्मीद है
बीजीएच की ओर से लोगों को संदेश दिया गया कि अंगदान महज दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को जिंदगी का दूसरा मौका देने का माध्यम है। एक व्यक्ति के अंगदान से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। वहीं, नेत्रदान किसी ऐसे व्यक्ति की दुनिया में उजाला ला सकता है, जो लंबे समय से दृष्टि की कमी से जूझ रहा है।
भ्रांतियां छोड़िए, सही जानकारी लीजिए और बदलाव का हिस्सा बनिए
बीजीएच ने नागरिकों से अपील की कि वे अंग एवं नेत्रदान से जुड़ी सही जानकारी हासिल करें और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने में अपनी भूमिका निभाएं। अस्पताल ने लोगों से इस मानवीय पहल से जुड़ने तथा दानदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आगे आने की अपील की। क्योंकि जिंदगी का असली अर्थ शायद सिर्फ खुद जीना नहीं, बल्कि ऐसा कुछ कर जाना है जिससे किसी और की जिंदगी भी ‘जुग जुग’ चलती रहे।
