Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट में खरीद और अनुबंध प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। तीन माह से चल रहे निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) अभियान के तहत 2 सितंबर को Government e-Marketplace (GeM) के माध्यम से सेवा अनुबंध विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सतर्कता विभाग ने संभाली जिम्मेदारी
बीएसएल के सतर्कता विभाग की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सीजीएम (सर्विसेज), बीएसएल ने किया। कार्यक्रम में कॉन्ट्रैक्ट सेल के साथ-साथ वर्क्स डिवीजन के इंडेंटिंग विभागों से जुड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस अधिकारियों को GeM के माध्यम से सेवा अनुबंध की पूरी प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझाने और उससे जुड़े नियमों एवं प्रावधानों के प्रति जागरूक बनाने पर रहा।
GeM पर सेवा अनुबंध की प्रक्रिया पर मंथन
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को GeM के जरिए सेवा अनुबंध से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। सेवा अनुबंध की प्रक्रिया से लेकर GeM पर उपलब्ध प्रावधानों तक, अधिकारियों को महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया गया। इसके अलावा अनुबंध प्रक्रिया में जरूरी प्रक्रियात्मक पहलुओं, अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं और संबंधित नियमों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को इस बात पर विशेष रूप से जागरूक किया गया कि अनुबंध से जुड़ी प्रक्रियाओं में नियमों का सही तरीके से पालन बेहद महत्वपूर्ण है।

खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
निवारक सतर्कता अभियान के बीच आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि अधिकारियों को व्यावहारिक रूप से अधिक सक्षम बनाना भी रहा। GeM के माध्यम से सेवा अनुबंध की प्रक्रिया को समझने से खरीद एवं अनुबंध संबंधी कार्यों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और दक्षता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। सतर्कता की दृष्टि से भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी अधिकारियों को संभावित गलतियों और प्रक्रियात्मक चूकों से बचाने में मदद करती है।
निवारक सतर्कता अभियान को मिल रहा विस्तार
बीएसएल में चल रहे तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान के तहत इस तरह के जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इनका उद्देश्य कार्यप्रणाली में सतर्कता की संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा देना है। GeM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल और उससे जुड़े नियमों की समझ बढ़ाने की यह पहल बीएसएल की खरीद एवं अनुबंध व्यवस्था में सुशासन और पारदर्शिता को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है।
