Bokaro: समाहरणालय परिसर में शुक्रवार को हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उपायुक्त अजय नाथ झा, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार समेत अन्य पदाधिकारियों ने गुब्बारे उड़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुति ने बांधा समां
कार्यक्रम से पहले नुक्कड़ नाटक ‘हिंदी का कत्ल हो गया’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने हिंदी के महत्व, सम्मान और दैनिक जीवन में इसके प्रयोग का संदेश दिया। वहीं ‘वंदे हिंदी मातरम्, राजभाषा मातरम्…’ की संगीतमय प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हिंदी के साथ अन्य भारतीय भाषाओं का भी करें सम्मान
उपायुक्त अजय नाथ झा ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पूरे वर्ष हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन का भी संकल्प लेना चाहिए।

सरल भाषा से आमजन तक पहुंचे संवाद
उपायुक्त ने कहा कि झारखंड भाषाई विविधता से समृद्ध है। हिंदी के साथ संथाली, मुंडारी, बांग्ला सहित कई भाषाएं यहां बोली जाती हैं। भाषा का मुख्य उद्देश्य संवाद है, इसलिए ग्रामीणों और आमजनों से बातचीत में सरल एवं सहज भाषा का प्रयोग होना चाहिए।
हिंदी जोड़ती है परिवार और संस्कृतियां : डीडीसी
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि हिंदी मां की तरह लोगों को जोड़ने का कार्य करती है। लिंक और ब्रिज लैंग्वेज के रूप में हिंदी विभिन्न राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित करती है।
हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का लिया संकल्प
उप निदेशक पीआरडी रवि कुमार ने हिंदी को राष्ट्रीय एकता की सशक्त अभिव्यक्ति बताया। कार्यक्रम में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया, जिसमें पदाधिकारियों, कर्मियों एवं प्रतिभागियों ने दैनिक कार्यों में अधिकाधिक हिंदी के प्रयोग का संकल्प लिया। मौके पर जिला स्तरीय पदाधिकारी, कर्मी, सेविका-सहायिका एवं जेएसएलपीएस की सखी दीदियां मौजूद रहीं।
