Bokaro: बोकारो में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला आयुष समिति की ओर से शिबू सोरेन स्मृति भवन सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

आयुष को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा कि बीमारी के उपचार के साथ उसकी रोकथाम पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने संतुलित आहार, योग, नियमित व्यायाम, पैदल चलने, पर्याप्त नींद और अनुशासित दिनचर्या को स्वस्थ जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
शोध और वैज्ञानिक प्रमाण जरूरी
प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन ने कहा कि आयुष और आधुनिक चिकित्सा का उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने आयुष चिकित्सा पद्धतियों में वैज्ञानिक शोध, उपचार संबंधी आंकड़ों के दस्तावेजीकरण और प्रमाण आधारित चिकित्सा को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

योग और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने की अपील
सिविल सर्जन डॉ. ए.बी. प्रसाद ने कहा कि योग, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। उप निदेशक पीआरडी रवि कुमार ने भी अनुशासित दिनचर्या और मानसिक संतुलन को जरूरी बताया।
योग और ध्यान का कराया गया अभ्यास
जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिव शंकर पाण्डेय ने आयुर्वेद के मूल उद्देश्य को स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और रोगों का शमन बताया। कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक पूनम तिवारी ने सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योगाभ्यास और ध्यान कराया।
