Bokaro: बोकारो: पांच दिवसीय साप्ताहिक कार्यदिवस लागू करने, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि में भेदभाव समाप्त करने, नई पेंशन योजना वाले कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) का आंदोलन तेज हो गया है। 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल के समर्थन में 24 सितंबर को बैंक ऑफ इंडिया, बोकारो स्टील सिटी शाखा परिसर में प्रदर्शन किया गया।

बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने बुलंद की आवाज
शाम 5:30 बजे आयोजित प्रदर्शन में चास-बोकारो और आसपास के विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार और बैंक प्रबंधन से शीघ्र समाधान की मांग की।
2024 के समझौते के बावजूद पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लंबित
UFBU के जिला संयोजक सिद्धेश नारायण दास ने कहा कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने को लेकर 2024 में इंडियन बैंक एसोसिएशन के साथ लिखित समझौता हुआ था। इसके तहत प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने पर भी सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।

प्रोत्साहन राशि में भेदभाव का आरोप
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि को लेकर भी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भेदभाव किया जा रहा है। यूनियन का आरोप है कि वित्तीय सेवा निदेशालय के निर्देश से कर्मचारियों और स्केल-3 तक के अधिकारियों के लिए 15 दिन तथा स्केल-4 से ऊपर के अधिकारियों के लिए 365 दिन की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
सभा में नेताओं ने कहा कि 8 और 9 सितंबर को केंद्रीय श्रम आयुक्त की मध्यस्थता में वार्ता हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।
