Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) के मानव संसाधन विभाग के ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग में एक दिवसीय परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट वर्कशॉप (PIW) का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य लूब्रिकेंट की खपत में 20 प्रतिशत कमी लाना और हाइड्रोलिक तेल के एनएएस (NAS) स्तर को 12 से घटाकर 5 तक पहुंचाना है। कार्यशाला में संयंत्र के विभिन्न विभागों से 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।


वरिष्ठ अधिकारियों ने बेहतर अनुरक्षण पर दिया जोर
कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक (अनुरक्षण) ने किया। इस अवसर पर हॉट स्ट्रिप मिल, कोल्ड रोलिंग मिल-3, कोक ओवन एवं कोल केमिकल्स तथा मानव संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने लागत अनुकूलन, सुरक्षित संचालन और उपकरणों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए लूब्रिकेंट के प्रभावी प्रबंधन एवं हाइड्रोलिक तेल की स्वच्छता बनाए रखने को महत्वपूर्ण बताया।
IOCL विशेषज्ञों ने साझा की तकनीकी जानकारी
पहले तकनीकी सत्र में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के विशेषज्ञों ने औद्योगिक लूब्रिकेंट के उचित चयन, इस्तेमाल और रखरखाव की जानकारी दी। उन्होंने खपत कम करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और मशीनों की कार्यक्षमता बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की।

हाइड्रोलिक तेल का NAS स्तर 5 तक लाने पर मंथन
दूसरे सत्र में ईस्ट इंडिया इंजीनियर्स एंड कंसल्टेंट्स (EIEC) के विशेषज्ञों ने हाइड्रोलिक प्रणालियों के वैज्ञानिक रखरखाव, तेल में संदूषण के स्रोतों की पहचान और उसकी रोकथाम के उपाय बताए। प्रतिभागियों ने कार्यस्थल की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उपकरणों की विश्वसनीयता बढ़ाने और अनुरक्षण संबंधी समस्याओं को कम करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
परिचालन दक्षता बढ़ाने की दिशा में पहल
यह कार्यशाला लूब्रिकेंट की खपत घटाने, हाइड्रोलिक तेल की स्वच्छता सुधारने तथा संयंत्र के उपकरणों की विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
