Bokaro: बोकारो में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने वाली है। कोलकाता की बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज (BMW Industries) के 803 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाला अत्याधुनिक इस्पात परिसर न केवल हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि इसके पूरी तरह चालू होने पर सालाना 4,000 से 4,500 करोड़ रुपये तक का कारोबार होने की भी उम्मीद है। कंपनी के प्रबंध निदेशक हर्ष बंसल ने बताया कि परियोजना का पहला चरण वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं पूरे संयंत्र के वित्त वर्ष 2028 तक पूरी क्षमता के साथ संचालित होने की उम्मीद है।

बोकारो बन रहा देश का बड़ा स्टील और मैन्युफैक्चरिंग हब
बोकारो में बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज का निवेश ऐसे समय में हो रहा है जब जिला पहले से ही देश के प्रमुख इस्पात केंद्रों में शुमार है। यहां स्थित Bokaro Steel Plant (BSL) अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विस्तार परियोजना पूरी होने के बाद संयंत्र की कच्चे इस्पात उत्पादन क्षमता करीब 5 मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) से बढ़कर लगभग 7.5 एमटीपीए हो जाएगी। वहीं ESL स्टील लिमिटेड (ESL) भी जिले में 1.5 एमटीपीए क्षमता के साथ उत्पादन कर रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों में अपनी मजबूत पहचान
अब बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज के डाउनस्ट्रीम स्टील प्रोजेक्ट के जुड़ने से बोकारो में स्टील उत्पादन, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडेड उत्पादों की पूरी औद्योगिक श्रृंखला विकसित होगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में बोकारो देश के सबसे बड़े स्टील और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

डाउनस्ट्रीम स्टील सेक्टर में सबसे बड़ा निजी निवेश
बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज का दावा है कि बोकारो में स्थापित किया जा रहा यह संयंत्र झारखंड के डाउनस्ट्रीम कोटेड स्टील सेक्टर में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश है। यहां गैल्वेनाइज्ड, गैल्वैल्यूम, जिंक-एल्युमीनियम-मैग्नीशियम (जेडएएम) और कलर-कोटेड स्टील उत्पादों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी मांग हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, सोलर और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक हर्ष बंसल के अनुसार, “परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद इससे प्रतिवर्ष 4,000 से 4,500 करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है…”
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार इस परियोजना से बोकारो और आसपास के क्षेत्रों में सहायक उद्योगों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
500 करोड़ के कर्ज से तैयार हो रही परियोजना
कंपनी ने इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये का ऋण लिया है। प्रबंधन के अनुसार वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही से कर्ज चुकाने की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। कंपनी को इस निवेश पर 15 प्रतिशत से अधिक रिटर्न मिलने की उम्मीद है, जबकि पूरे बोकारो संचालन के बाद एबिटा मार्जिन 12 से 14 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है।

