Bokaro: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को चास-बोकारो के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर प्रदर्शन किया। सेक्टर-4 स्थित बैंक ऑफ इंडिया, बोकारो स्टील सिटी शाखा के सामने आयोजित प्रदर्शन में विभिन्न बैंक यूनियनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।

PLI भुगतान में भेदभाव का किया विरोध
प्रदर्शन में बैंक कर्मचारियों और स्केल-3 तक के अधिकारियों को मिलने वाले प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI) में कथित भेदभाव का विरोध किया गया। इसके साथ ही बैंकिंग क्षेत्र में जल्द से जल्द 5 दिवसीय कार्यदिवस लागू करने और लंबे समय से लंबित अन्य मांगों का समाधान करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन में चास-बोकारो और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कर्मचारी व अधिकारी शामिल हुए। महिला बैंककर्मियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।
समझौते के बावजूद PLI भुगतान को लेकर विवाद
यूनियन नेताओं के अनुसार, इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच हुई वार्ताओं में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव को बैंकों के प्रदर्शन से जोड़ने पर सहमति बनी थी। इसके तहत कर्मचारियों और स्केल-7 तक के अधिकारियों को निर्धारित मानकों के आधार पर समान रूप से PLI भुगतान किए जाने की बात कही गई थी।

वित्तीय सेवा निदेशालय के निर्देश पर जताई नाराजगी
यूनियन का आरोप है कि भारत सरकार के वित्तीय सेवा निदेशालय (DFS) ने बाद में इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए कर्मचारियों और स्केल-3 तक के अधिकारियों को केवल 15 दिनों का PLI देने का निर्देश जारी किया, जबकि स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए 365 दिनों के PLI का प्रावधान किया गया।
केंद्रीय श्रमायुक्त के पास मामला लंबित
बैंक यूनियनों द्वारा आंदोलन की घोषणा के बाद केंद्रीय श्रमायुक्त ने सभी पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया। यूनियन के मुताबिक, मामला अभी भी केंद्रीय श्रमायुक्त के समक्ष लंबित है। इसके बावजूद वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा निदेशालय की ओर से दोबारा एकतरफा निर्देश जारी किए जाने पर बैंक संगठनों ने नाराजगी जताई है।
93 प्रतिशत बैंककर्मियों के साथ भेदभाव का आरोप
UFBU नेताओं ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था में कर्मचारियों और निचले स्तर के अधिकारियों की संख्या करीब 93 प्रतिशत है। उनका आरोप है कि इन्हीं कर्मचारियों के योगदान से बैंकिंग सेवाएं जमीनी स्तर पर संचालित होती हैं, लेकिन PLI के भुगतान में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। यूनियन ने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया।
5 दिवसीय कार्यदिवस लागू करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान बैंकिंग क्षेत्र में 5 दिवसीय कार्यदिवस लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। यूनियन नेताओं के अनुसार, इस मुद्दे पर IBA के साथ करीब दो वर्ष पहले समझौता हो चुका है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों से जुड़े कई अन्य मुद्दे भी लंबे समय से लंबित हैं।
सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी
UFBU के जिला संयोजक सिद्धेश नारायण दास ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि PLI में किए जा रहे कथित भेदभावपूर्ण प्रावधान को जल्द वापस नहीं लिया गया, 5 दिवसीय कार्यदिवस लागू नहीं हुआ और अन्य लंबित मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
11 सितंबर को एकदिवसीय देशव्यापी हड़ताल
सिद्धेश नारायण दास ने बताया कि UFBU के घोषित आंदोलनात्मक कार्यक्रम के तहत 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी एकदिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है।
26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
उन्होंने कहा कि यदि इसके बावजूद सरकार और IBA की ओर से सम्मानजनक समाधान नहीं किया गया, तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी IBA और भारत सरकार की होगी।
प्रदर्शन में ये बैंककर्मी रहे मौजूद
प्रदर्शन को संबोधित करने वालों और इसमें शामिल प्रमुख लोगों में राघव कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार, राजेश ओझा, विभाष झा, पंकज कुमार, प्रदीप कुमार, राकेश मिश्रा, अवधेश प्रसाद, नीरज तिवारी, राजकुमार प्रसाद, अरुण कुमार, कृष्णा तिवारी, सोनू कुमार और उर्मिला कुमारी समेत कई बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी मौजूद रहे।


