Bokaro: सेल कर्मियों और ठेका मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को सेक्टर-2 स्थित कला केंद्र में संयुक्त मजदूर सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस से जुड़े प्रतिनिधियों एवं सदस्यों ने हिस्सा लिया।

सेल प्रबंधन और केंद्र सरकार के रवैये पर जताया रोष
सम्मेलन की संयुक्त अध्यक्षता बीएन उपाध्याय (इंटक), रामआगर सिंह (एटक), आरएन सिंह (सीटू) और आरके वर्मा (एचएमएस) ने की। मंच संचालन करते हुए सम्मेलन के संयोजक रामाश्रय प्रसाद सिंह ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा प्रस्तुत की। वक्ताओं ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) प्रबंधन और केंद्र सरकार के रवैये पर कड़ा रोष जताया।
मांगें नहीं मानी गईं तो व्यापक आंदोलन की चेतावनी
सम्मेलन में वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो सेल की सभी इकाइयों में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का भी रास्ता अपनाया जा सकता है। इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया। नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों और ठेका मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त संघर्ष को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

नेपाल बाढ़ में मृत लोगों को दी श्रद्धांजलि
सम्मेलन की शुरुआत नेपाल में आई बाढ़ के कारण जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई। उपस्थित प्रतिनिधियों और सदस्यों ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की। सम्मेलन में नेशनल जॉइंट कमेटी फॉर स्टील (एनजेसीएस) की बैठक अविलंब बुलाने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि पे-रिविजन की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सके।
39 महीने के एरियर भुगतान की उठी मांग
मजदूर नेताओं ने 39 महीनों के बकाया एरियर का भुगतान जल्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्य श्रमायुक्त के परामर्श और हस्ताक्षरित एमओएम के तहत लंबित एरियर का भुगतान शीघ्र किया जाना चाहिए।सम्मेलन में बोकारो स्टील प्लांट में करीब 40 प्रतिशत ठेका श्रमिकों को हटाने की प्रस्तावित योजना का विरोध किया गया। वक्ताओं ने प्रशिक्षित ठेका मजदूरों को काम से हटाने की प्रक्रिया तत्काल बंद करने की मांग की।
बढ़ती दुर्घटनाओं और आउटसोर्सिंग पर भी सवाल
मजदूर प्रतिनिधियों ने प्लांट में बढ़ती दुर्घटनाओं और आउटसोर्सिंग को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अनुभवी एवं प्रशिक्षित ठेका श्रमिकों के रोजगार को सुरक्षित रखने की मांग की।सम्मेलन में बोकारो जनरल अस्पताल में नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने अस्पताल में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की।
आवास, सड़क और पेयजल की समस्याओं का स्थायी समाधान
टाउनशिप से जुड़े मुद्दों पर भी सम्मेलन में चर्चा हुई। वक्ताओं ने खाली पड़े आवासों का निष्पक्ष आवंटन करने, टाउनशिप की जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने और पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने की मांग रखी।सम्मेलन में नए लेबर कोड और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण के प्रयासों का भी विरोध किया गया। वक्ताओं ने इन्हें श्रमिक हितों के खिलाफ बताते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
खान एवं खनिज संशोधन विधेयक-2026 को बताया श्रमिक विरोधी
मजदूर नेताओं ने खान एवं खनिज संशोधन विधेयक-2026 को भी श्रमिक और जनविरोधी करार देते हुए इसे खारिज करने की मांग की। सम्मेलन में इन मुद्दों के खिलाफ संयुक्त संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।सम्मेलन में शामिल विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने लंबित मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को सेल की सभी इकाइयों तक विस्तारित किया जाएगा।


