Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) में गुरुवार को “प्रदूषण नियंत्रण एवं अपशिष्ट प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ऐसे समय में जब उद्योगों से पर्यावरण संरक्षण की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं, संयंत्र ने कर्मचारियों को यह याद दिलाने का प्रयास किया कि प्रदूषण केवल रिपोर्टों और प्रस्तुतियों का विषय नहीं, बल्कि धरातल पर भी दिखना चाहिए।

पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी पर जोर
उद्घाटन सत्र में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के उद्देश्य और महत्व से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने जिम्मेदार औद्योगिक संचालन, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरणीय अनुपालन की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। कर्मचारियों को बताया गया कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को अपनाना जरूरी है।

नियमों से लेकर व्यवहार तक की चर्चा
प्रशिक्षण में संयंत्र के विभिन्न विभागों से 21 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। तकनीकी सत्रों में पर्यावरणीय नियमों, औद्योगिक प्रदूषण के स्रोतों और प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी समझाया गया कि पर्यावरणीय अनुपालन केवल फाइलों में टिक मार्क लगाने का काम नहीं है, बल्कि इसे कार्यस्थल की संस्कृति का हिस्सा बनाना होगा।
कचरे को संसाधन बनाने का पाठ
दूसरे सत्र में अपशिष्ट पृथक्करण, रीसाइक्लिंग, सुरक्षित निपटान तकनीकों और पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार को बढ़ावा देने में कर्मचारियों की भूमिका पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई, ताकि कचरा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी न रहकर सभी की प्राथमिकता बन सके।
अनुभव साझा कर हुआ समापन
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने पर्यावरण प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभव और विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों में प्रदूषण नियंत्रण और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। अब देखना यह होगा कि प्रशिक्षण में सीखी गई बातें बैठक कक्षों तक सीमित रहती हैं या संयंत्र परिसर में भी उनका असर नजर आता है।
(By Currentbokaro team)

