Bokaro: इस्पात नगरी बोकारो गुरुवार को भगवान श्रीजगन्नाथ की भक्ति और आस्था के रंग में पूरी तरह रंग गई। वार्षिक जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े और पूरे उत्साह के साथ भगवान श्री जगन्नाथ के रथ को खींचते हुए “जय जगन्नाथ” के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शहर की प्रमुख सड़कों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जिसने इस धार्मिक आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।

मंदिर परिसर में विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना

रथ यात्रा की शुरुआत सेक्टर-4 स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से हुई। यहां वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को मंदिर से बाहर लाकर आकर्षक ढंग से सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया गया। इसके बाद सदियों पुरानी परंपरा ‘छेरा पहंरा’ का निर्वहन करते हुए बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के निदेशक प्रभारी प्रिया रंजन ने रथ की प्रतीकात्मक सफाई कर यात्रा का शुभारंभ किया।

शहर की प्रमुख सड़कों से होकर निकली रथ यात्रा

रथ यात्रा सेक्टर-4 स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर बोकारो जनरल अस्पताल, गांधी चौक, सिटी सेंटर, पत्थरकट्टा चौक और राम मंदिर चौक होते हुए राम मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए, रथ पर पुष्पवर्षा की और जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत किया। सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
रथ खींचने को श्रद्धालुओं ने माना सौभाग्य

रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को खींचने को अपने जीवन का सौभाग्य बताया। लोगों का मानना है कि भगवान जगन्नाथ का रथ खींचना आध्यात्मिक शांति, सुख और पुण्य की प्राप्ति का माध्यम है। यात्रा में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सभी पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए और बारी-बारी से रथ खींचकर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
श्रद्धालुओं ने साझा किए अपने अनुभव

सेक्टर-4 निवासी श्रद्धालु सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा, “भगवान जगन्नाथ का रथ खींचना सौभाग्य की बात है। इससे मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। हर वर्ष रथ यात्रा हमारी आस्था को और मजबूत करती है तथा समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में जोड़ती है।”
वहीं सेक्टर-4 के ही निवासी अनुप त्रिपाठी ने कहा, “हजारों श्रद्धालुओं को ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के बीच रथ खींचते देखना अत्यंत दिव्य अनुभव था। पूरे वातावरण में अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस हो रही थी।”
सिटी सेंटर निवासी दिनेश अग्रवाल ने कहा, “रथ यात्रा बोकारो के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। यह सभी आयु वर्ग और समुदाय के लोगों को भक्ति, सेवा और सामाजिक सौहार्द के साथ जोड़ने का कार्य करती है।”
सेवा कार्यों में सामाजिक संगठनों की सराहनीय भूमिका

रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बोकारो महिला समिति, सिटी सेंटर दुर्गा पूजा समिति सहित विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने जगह-जगह पेयजल, शर्बत, फल तथा अन्य आवश्यक जलपान की व्यवस्था की। स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों ने भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे पूरी यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
आस्था और सामाजिक सौहार्द का बना प्रतीक

बोकारो स्टील सिटी की वार्षिक जगन्नाथ रथ यात्रा वर्षों से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक रही है। इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने वाला सांस्कृतिक पर्व भी है। श्रद्धा, सेवा और भाईचारे के इस महापर्व ने एक बार फिर बोकारो की सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक सौहार्द को नई ऊर्जा प्रदान की।

