Bokaro: सदर अस्पताल, बोकारो के चिकित्सकों ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण शल्यक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 52 वर्षीय महिला के गर्भाशय से करीब 5.5 किलोग्राम वजनी विशाल यूटराइन फाइब्रॉइड निकालकर बड़ी चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

लंबे समय से थी गंभीर समस्या
चास के भारा बस्ती निवासी महिला लंबे समय से गर्भाशय में बड़े फाइब्रॉइड की समस्या से परेशान थीं। लगातार बढ़ती परेशानी के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आवश्यक जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद एब्डॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी करने का निर्णय लिया गया।

विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक किया ऑपरेशन
शल्यक्रिया का नेतृत्व सदर अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि मेधा ने किया। उनके साथ सर्जिकल टीम में डॉ. पंकज सिन्हा तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सौरभ शामिल रहे। चिकित्सकों की टीम ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन करते हुए गर्भाशय से लगभग 5.5 किलोग्राम वजनी विशाल फाइब्रॉइड को सुरक्षित बाहर निकाला।
बिना किसी गंभीर जटिलता के पूरी हुई सर्जरी
डॉ. रश्मि मेधा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान किसी प्रकार की गंभीर जटिलता सामने नहीं आई। पूरी शल्यक्रिया सफल रही और मरीज की स्थिति संतोषजनक है। फिलहाल उन्हें अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखकर आवश्यक दवाइयां और उपचार दिया जा रहा है।
सिविल सर्जन ने टीम को दी बधाई
इस सफल ऑपरेशन पर सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल के चिकित्सकों, एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सिंग स्टाफ एवं स्वास्थ्यकर्मियों की पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे सरकारी अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में लगातार जटिल शल्यक्रियाओं का सफल संचालन मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र बनता जा रहा है।

