बोकारो के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने भारतीय क्रिकेट में एक और अहम मुकाम हासिल किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दूसरे मुकाबले के लिए उन्हें चोटिल ईशान किशन के विकल्प के तौर पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। घरेलू क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले कुशाग्र के लिए यह मौका उनके अब तक के संघर्ष और मेहनत का बड़ा परिणाम माना जा रहा है।


भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को कुशाग्र को टीम में शामिल किए जाने की जानकारी दी। पहले टी-20 मुकाबले के दौरान ईशान किशन के दाएं पैर की मांसपेशियों में हल्की चोट लग गई थी। इसके कारण वह पांच मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले से बाहर हो गए। कुशाग्र इससे पहले भारत-ए टीम का हिस्सा थे, जिसे न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ तीन मैचों की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज खेलनी थी। बीसीसीआई के मुताबिक, ईशान किशन की चोट को देखते हुए कुमार कुशाग्र को उनके विकल्प के रूप में भारतीय टीम से जोड़ा गया है।
बोकारो के मैदान से टीम इंडिया तक का सफर
कुमार कुशाग्र का क्रिकेट सफर बोकारो की धरती से शुरू हुआ। उन्होंने बोकारो क्रिकेट कोचिंग एकेडमी के माध्यम से खेलना शुरू किया और स्थानीय ट्रेनिंग हॉस्टल में क्रिकेट का प्रशिक्षण हासिल किया। महज 10 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहे कुशाग्र ने कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से लोगों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया था।

2014-15 में उन्होंने बोकारो जिला अंडर-14 टीम का प्रतिनिधित्व किया। जिला स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद 2016-17 में उनका चयन विजय मर्चेंट ट्रॉफी के लिए झारखंड की अंडर-16 टीम में हुआ। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ते हुए रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपनी प्रतिभा साबित की।
7.2 करोड़ रुपये में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा था
कुशाग्र को पहचान तब और मिली, जब आईपीएल 2024 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 7.2 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। महज 20 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले कुशाग्र पर दिल्ली ने उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की क्षमता को देखते हुए बड़ा दांव लगाया था।
विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ उनकी नाबाद 67 रन की पारी ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। 355 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने 37 गेंदों में चार चौके और पांच छक्के जड़कर झारखंड को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी इस पारी ने प्रतिभा की पहचान करने वाले क्रिकेट विशेषज्ञों और स्काउट्स का ध्यान खींचा। उनकी विकेटकीपिंग और आक्रामक बल्लेबाजी के कारण उन्हें झारखंड के उभरते प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में गिना जाता रहा है।
दूसरे टी-20 में खेलने पर नजर
याद दिला दें कि भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में दो गेंदें शेष रहते हुए चार विकेट से पटखनी दी थी। इसी के साथ टीम इंडिया ने पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। क्राइस्टचर्च में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करके 20 ओवर में 225/4 का स्कोर बनाया। जवाब में भारत ने 19.4 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया।
अब भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को क्राइस्टचर्च में ही खेला जाएगा। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व वाली भारतीय टीम की कोशिश सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाने की होगी। वहीं, मिचेल सैंटनर की अगुवाई वाली न्यूजीलैंड की टीम सीरीज 1-1 से बराबर करने के लिए पूरा जोर लगाती हुई नजर आएगी।
बोकारो के मैदानों से शुरू हुआ कुशाग्र का सफर अब उन्हें भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम तक ले आया है। उनके चयन से स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों और प्रशंसकों में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण का अवसर कब मिलता है।
