Bokaro: माइनिंग क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के खिलाफ सीआईएसएफ और सीसीएल प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ताराबेड़ा बंद खदान में चल रहे अवैध उत्खनन को बंद करा दिया। यह कार्रवाई एमएमडीआर (Mines and Minerals Development and Regulation) एक्ट के तहत की गई, जिसमें संयुक्त टीम ने अवैध खनन के लिए बनाए गए पांच रैट होल को बंद कराया।

गुप्त सूचना पर हरकत में आई CISF, बनाई गई संयुक्त टीम
जानकारी के अनुसार, सीआईएसएफ सीसीएल करगली के कमांडेंट राज प्रताप सिंह को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि ढोरी क्षेत्र के ताराबेड़ा बंद खदान में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से कोयले का उत्खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही सीआईएसएफ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी सीसीएल ढोरी क्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार सिंह को दी। इसके बाद सीसीएल प्रबंधन, सीआईएसएफ, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध खनन स्थल का निरीक्षण किया और कार्रवाई करते हुए पांच रैट होल को बंद करा दिया।
अवैध खनन से पर्यावरण और राजस्व को नुकसान
सीआईएसएफ अधिकारियों ने बताया कि अवैध कोयला खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का दोहन, स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सीसीएल के राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखते हुए कार्रवाई कर रही हैं।

कार्रवाई में CISF और CCL के अधिकारी रहे मौजूद
संयुक्त अभियान में सीआईएसएफ के एएसओ सुरेश सिंह, सहायक कमांडेंट केवीए श्रीधर, निरीक्षक एसआर नायक सहित अन्य जवान, क्यूआरटी टीम और सीसीएल सुरक्षा विभाग के अधिकारी व जवान मौजूद रहे। सीसीएल गार्ड इंचार्ज शील चंद के अलावा अनाम वारिस, माणिक दिगार, जितेंद्र रजक समेत अन्य सुरक्षाकर्मियों ने अभियान में सहयोग किया।
अवैध गतिविधियों पर जारी रहेगा अभियान
सीआईएसएफ ने स्पष्ट किया है कि कोयला क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। सीसीएल प्रबंधन, पुलिस और प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
