Bokaro: वन विभाग की टीम ने संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्रवाई करते हुए एक भजन मंडली के कब्जे से दो संरक्षित भारतीय रॉक पाइथन यानी अजगरों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। बताया गया कि इन दोनों अजगरों को धार्मिक आयोजन के दौरान प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। वन विभाग की टीम ने कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आयोजकों को वन्यजीव संरक्षण कानूनों की जानकारी दी और दोनों सांपों को सुरक्षित कब्जे में लिया।

‘डाक बम’ की झांकी में कराया जा रहा था अजगरों का प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त को चास क्षेत्र में आयोजित ‘डाक बम’ की झांकी के दौरान भजन मंडली द्वारा दोनों अजगरों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जा रहा था। वन विभाग को इसकी जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को पता चला कि इसी तरह का कार्यक्रम 11 अगस्त को भी आयोजित किया जाना है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय स्थिति पर नजर बनाए रखी। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार का विवाद न हो, इसे ध्यान में रखते हुए टीम ने कार्यक्रम समाप्त होने का इंतजार किया।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वन विभाग की टीम ने आयोजकों से संपर्क किया और उन्हें संरक्षित वन्यजीवों को कब्जे में रखने तथा सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। इसके बाद दोनों अजगरों को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर रेस्क्यू किया गया।

हालांकि, रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। उन्होंने वन विभाग से अजगरों को वापस करने की मांग की। स्थिति को देखते हुए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। अधिकारियों की समझाइश और हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ तथा रेस्क्यू अभियान को बिना किसी अप्रिय घटना के पूरा कर लिया गया।
शेड्यूल-I में संरक्षित हैं भारतीय रॉक पाइथन
वन विभाग के अनुसार, रेस्क्यू किए गए दोनों भारतीय रॉक पाइथन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत संरक्षित हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों अजगरों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। वन विभाग ने स्पष्ट किया कि संरक्षित वन्यजीवों को मनोरंजन, प्रदर्शन या धार्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनाना कानूनन उचित नहीं है। ऐसे मामलों में वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
वन विभाग ने लोगों से की अपील
वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव को धार्मिक आयोजन, मनोरंजन या सार्वजनिक प्रदर्शन का हिस्सा न बनाएं। यदि किसी इलाके में अजगर, सांप या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देता है तो उसे खुद पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें। वन्यजीवों की सुरक्षा केवल कानून का पालन करना नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत और पारिस्थितिक संतुलन को बचाने की जिम्मेदारी भी है।
