Bokaro: बेटियों के जन्म का स्वागत करने और समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को सदर अस्पताल, चास में ‘बधाई हो! बेटी हुई है’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम चास शहरी बाल विकास परियोजना कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित हुआ।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और अस्पताल अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता एवं सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एन.पी. सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया गया।
बेटियों के जन्म का स्वागत करने का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बेटियों के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि उत्सव के रूप में मनाने की जरूरत है। समाज से कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। वक्ताओं ने कहा कि बेटियों के हाथों में केवल चूड़ियां ही नहीं, बल्कि कलम भी होनी चाहिए, ताकि वे शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें और समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और बालिका शिक्षा पर जागरूकता
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बालिका शिक्षा, महिला अधिकार और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को लेकर भी उपस्थित लोगों को जानकारी दी गई।
छह नवजात बच्चियों और उनकी माताओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान सदर अस्पताल में जन्मी छह नवजात बच्चियों और उनकी माताओं को सम्मानित किया गया। उन्हें मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) किट और बेबी किट प्रदान किए गए। सम्मानित लाभार्थियों में सफिया परवीन, पिंसी कुमारी, नंदनी कुमारी, सानवी कुमारी सहित अन्य नवजात बच्चियों के परिवार शामिल रहे।
महिला सशक्तीकरण और बालिका शिक्षा पर जोर
आयोजकों ने कहा कि बालिकाओं को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की जिम्मेदारी है। बेटियों के जन्म का स्वागत करने के साथ-साथ उनके बेहतर भविष्य के लिए परिवार और समाज को मिलकर सकारात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए।
बाल विकास परियोजना और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता, सदर अस्पताल अधीक्षक डॉ. एन.पी. सिंह, महिला पर्यवेक्षिका मधु सिंह, दमयंती प्रियंबदा सहित बाल विकास परियोजना कार्यालय एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


