Bokaro: ज़िले के पिंड्राजोड़ा थाना क्षेत्र के संथालडीह मोड़ स्थित स्किल ट्रेनिंग सेंटर संचालित करने वाले एक NGO में फर्जी आधार कार्ड बनाकर युवकों को परीक्षा में बैठाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए NGO संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से लैपटॉप, प्रिंटर, फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल फोन समेत कई सामान जब्त किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, 28 मई की शाम करीब 3:30 बजे पिंड्राजोड़ा थाना को दूरभाष पर सूचना मिली कि संथालडीह मोड़ स्थित ‘शिक्षा एवं कल्याण समिति’ नामक NGO में तीन महीने का कौशल विकास प्रशिक्षण पूरा होने के बाद परीक्षा आयोजित की जा रही है। आरोप था कि युवकों की तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी आधार कार्ड बनाए गए और उन्हीं कूटरचित पहचान पत्रों के आधार पर परीक्षा में बैठने का दबाव डाला जा रहा है। इसका कई युवकों ने विरोध भी किया।
ASP के नेतृत्व में गठित हुई छापेमारी टीम
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चास वेदान्त शंकर के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया। अनुमंडल दंडाधिकारी चास के निर्देश पर कार्यपालक दंडाधिकारी जया कुमारी को भी प्रतिनियुक्त किया गया। छापेमारी के दौरान दंडाधिकारी की मौजूदगी में फर्जी आधार कार्ड बनाने में प्रयुक्त लैपटॉप, प्रिंटर तथा तीन फर्जी आधार कार्ड जब्त किए गए। पुलिस ने मौके से NGO संचालक और कर्मी समेत कुल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

वाराणसी, गया और धनबाद के आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों में वाराणसी निवासी प्रदीप कुमार कसेरा, गया निवासी धर्मेन्द्र कुमार तथा धनबाद के सिंदरी निवासी नरेन्द्र कुमार शामिल हैं। इस मामले में पिंडराजोरा थाना कांड संख्या 61/2026 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ये सामान हुए बरामद
एसपी बोकारो नाथू सिंह मीणा ने बताया कि जब्त आधार कार्ड भागीरथ प्रमाणिक, प्रेमचंद हांसदा और सुधीर किस्कू के नाम से बनाए गए थे। इसके अलावा मौके से एक लेनोवो लैपटॉप, कैनन प्रिंटर तथा ओप्पो, वीवो और वनप्लस कंपनी के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। छापेमारी दल में थाना प्रभारी रवि कुमार, मुन्ना रमानी, वीरमणि, सचिन रौशन, दिलीप टुडू समेत पिंडराजोरा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

