Bokaro: देश की अग्रणी इंजीनियरिंग एवं निर्माण कंपनी Larsen & Toubro (L&T) को सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी Steel Authority of India Limited (SAIL) से स्टील क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर के तहत L&T की मिनरल्स एंड मेटल्स (M&M) इकाई को सेल के विभिन्न विस्तार परियोजनाओं में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और इंस्टॉलेशन (EPI) कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें झारखंड स्थित बोकारो स्टील प्लांट की महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाएं शामिल हैं। बीएसएल में इस साल सितम्बर से एक्सपेंशन का काम धरातल में दिखना शुरू हो जायेगा। साथ ही नए सिंटर प्लांट और नई बैटरी भी स्थापित की जाएगी।

बोकारो स्टील प्लांट में बनेगा नया सिंटर प्लांट
सेल द्वारा बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के अपस्ट्रीम विस्तार कार्यक्रम के तहत L&T को वृहद् सिंटर प्लांट-2 स्थापित करने का महत्वपूर्ण पैकेज दिया गया है। सिंटर प्लांट लौह अयस्क आधारित फीड सामग्री को ब्लास्ट फर्नेस के लिए तैयार करने का काम करता है और इसे किसी भी एकीकृत इस्पात संयंत्र की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में अहम कड़ी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नए सिंटर प्लांट की स्थापना से बोकारो स्टील प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और भविष्य के विस्तार कार्यक्रमों को गति मिलने की संभावना है। सेल की योजना BSL की कच्चा इस्पात उत्पादन क्षमता को वर्तमान 4.655 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) से बढ़ाकर 7.25 MTPA से अधिक करने की है। इस विस्तार परियोजना पर लगभग 20,000 करोड़ रुपये निवेश किए जा रहे हैं।
2030 तक 35 मिलियन टन क्षमता का लक्ष्य
सेल वर्तमान में लगभग 20.63 मिलियन टन प्रतिवर्ष कच्चा इस्पात उत्पादन क्षमता रखता है। कंपनी ने वर्ष 2030-31 तक अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 35 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना पर काम कर रही है। यह निवेश ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों प्रकार की परियोजनाओं में किया जाएगा। कंपनी ने विस्तार योजनाओं के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए डिकार्बोनाइजेशन रोडमैप पर भी काम शुरू कर दिया है।

बोकारो के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना ?
बोकारो स्टील प्लांट सेल की सबसे महत्वपूर्ण एकीकृत इस्पात इकाइयों में से एक है। सिंटर प्लांट, ब्लास्ट फर्नेस और अन्य अपस्ट्रीम इकाइयों का विस्तार भविष्य में उत्पादन बढ़ाने की आधारशिला माना जाता है। L&T को मिला यह नया पैकेज संकेत देता है कि बोकारो स्टील प्लांट के विस्तार कार्यक्रम अब योजना से आगे बढ़कर क्रियान्वयन चरण में प्रवेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल बोकारो स्टील प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

