बिजली मीटर में शॉर्ट सर्किट के बाद फैली आग, कई मीटर और विद्युत उपकरण जलकर खाक, प्लाट मालिक ने BSL पर लगाया लापरवाही का आरोप
Bokaro: शहर के सिटी सेंटर स्थित एक प्लाट में शनिवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग प्लाट के मुख्य बिजली मीटर में लगी, जिसके बाद वह तारों के जरिए तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में सीढ़ियों के पास धुआं भर गया और आग की लपटें निकलने लगीं।

कोचिंग के छात्र और स्टाफ छत के रास्ते से निकले
घटना के समय भवन की ऊपरी मंजिल पर कोचिंग संस्थान संचालित हो रहा था। धुआं फैलने के बाद छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और नीचे फ्लोर में स्तिथ पार्लर में मौजूद लोगों ने तत्काल छत की ओर रुख किया। वहां से उन्होंने बगल के भवन की दीवार फांदकर सुरक्षित बाहर निकल गए।
फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। यह घटना नटखट दुकान के समीप स्थित उस भवन में हुई, जिसमे CVS Cafe संचालित होता है।

मुख्य मीटर समेत कई विद्युत उपकरण जलकर नष्ट
आग की इस घटना में भवन का मुख्य बिजली मीटर, चार अन्य मीटर, विद्युत पैनल, एमसीबी, वायरिंग और केबल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। जिला अग्निशमन कार्यालय के प्रभारी भगवान ओझा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग बुझा दी गई है और स्थिति अब सामान्य है।
प्लाट मालिक ने BSL बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
भवन मालिक अमित कुमार सिंह ने घटना के लिए BSL के बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि पिछले एक महीने से वे मीटर में आ रही तकनीकी खराबियों की शिकायत लगातार नगर प्रशासन और संबंधित विभाग से करते रहे थे। उन्होंने कहा कि मीटर की डिस्प्ले बार-बार गायब हो रही थी और स्पार्किंग जैसी समस्या भी सामने आ रही थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने दावा किया कि कई बार बीएसएल के बिजली विभाग को जानकारी देने के बावजूद केवल औपचारिकता निभाई गई। कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद एक बिजली मिस्त्री भेजा गया, जिसने निरीक्षण तो किया, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
अमित कुमार सिंह ने दावा किया कि उन्होंने नगर प्रशासन के बिजली विभाग में लिखित शिकायत देने की भी कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने शिकायत पत्र तक लेने से इनकार कर दिया और केवल मौखिक सूचना को पर्याप्त बताकर मामला टाल दिया। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बिजली मीटर को बदलने का अधिकार केवल BSL के पास है और उपभोक्ता स्वयं ऐसा नहीं कर सकते। ऐसे में यदि समय रहते खराब मीटर को बदला जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने आग से हुए नुकसान की भरपाई के लिए BSL से मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की जिम्मेदारी विभाग को स्वीकार करनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर BSL प्रबंधन ने भवन मालिक द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।

