Bokaro: संस्कृतभारती, बोकारो के तत्वावधान में आयोजित अंतर-विद्यालय स्तरीय विभिन्न संस्कृत प्रतियोगिताओं में DPS बोकारो के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई महत्वपूर्ण स्थान हासिल किए। श्लोक पाठ, संस्कृत भाषण, समूह गान, समूह भाव नृत्य और कूट प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

श्लोक पाठ में विद्यार्थियों ने मारी बाजी
श्लोक पाठ के शिशु वर्ग में अदीव आर्यन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं नव्या सिंह और आहना चौधरी ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि सम्यक सिंह और सिद्धार्थ भूषण तृतीय स्थान पर रहे। किशोर वर्ग में राविका झा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि अक्ष चन्द्र और परणिद्या कुमारी ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।
संस्कृत भाषण में अवनी और नम्या का शानदार प्रदर्शन
संस्कृत भाषण प्रतियोगिता के तरुण वर्ग में भी DPS बोकारो के विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। अवनी अनन्या पाण्डेय ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि नम्या पाण्डेय ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया।

समूह प्रतियोगिताओं में भी DPS का दबदबा
सामूहिक विधाओं में भी DPS बोकारो की टीम ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। समूह गान प्रतियोगिता में विद्यालय की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि समूह भाव नृत्य प्रतियोगिता में टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
कूट प्रश्नोत्तरी में दिखी विद्यार्थियों की कुशाग्र बुद्धि
कूट प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। किशोर वर्ग में DPS बोकारो के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि तरुण वर्ग में टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
संस्कृत दिवस समारोह में विजेताओं को किया गया सम्मानित
ये सभी प्रतियोगिताएं इससे पूर्व विभिन्न विद्यालयों में आयोजित की गई थीं। रविवार को DPS बोकारो परिसर में आयोजित संस्कृत दिवस समारोह के दौरान प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार तथा मुख्य वक्ता कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. चंद्रकांत शुक्ल ने संयुक्त रूप से विजेताओं को सम्मानित किया।
संस्कृत से जुड़ाव पर प्राचार्य ने दिया जोर
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने सभी विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए संस्कृत भाषा और संस्कृति से जुड़ाव को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कृत कई भाषाओं की जननी है। इस भाषा में विज्ञान, गणित और जीवन जीने की कला से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तत्व मौजूद हैं।
संस्कृत के ऐतिहासिक महत्व पर डॉ. शुक्ल ने रखे विचार
मुख्य वक्ता डॉ. चंद्रकांत शुक्ल ने संस्कृत को राष्ट्रभाषा बनाए जाने को लेकर संविधान सभा की बैठक के ऐतिहासिक प्रसंग का उल्लेख किया। उन्होंने संस्कृत भाषा को जनगणना में ज्ञात भाषा के रूप में दर्ज कराए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
समारोह में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह में गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडेय अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा संस्कृतभारती के पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, विद्यार्थी और प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की गई और संस्कृत भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने का संदेश दिया गया।


