Bokaro: जिले में हुए सड़क हादसे के बाद अनाथ हुए तीन बच्चों के मामले ने राज्य सरकार को सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों की शिक्षा, परवरिश और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

X पर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने X (ट्विटर) हैंडल पर लिखा—
“Take immediate cognizance. Ensure the mother’s treatment and proper care of the children, and provide information.”

कैसे हुआ हादसा
हादसा 14 मई को चंदनक्यारी थाना क्षेत्र के डुबेकेटा मोड़ के पास Chandankyari-पुरुलिया मार्ग पर एनएच-218 पर हुआ था। तेज रफ्तार टाटा मैजिक वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दंपति को जोरदार टक्कर मार दी थी।
मौके पर पति की मौत, अस्पताल में पत्नी ने तोड़ा दम
हादसे में सापन कुमार मांझी (50) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी (37) गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें रांची के RIMS Ranchi में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
तीन बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
दंपति के पीछे तीन बच्चे—पल्लवी, विमल मांझी और विदुत मांझी—अनाथ हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, माता-पिता की अचानक मौत से बच्चे गहरे सदमे में हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन मालिक ने मुआवजे का आश्वासन देकर बाद में हाथ पीछे खींच लिया।
सड़क जाम और ग्रामीणों का विरोध
घटना के बाद सोमवार को ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर एनएच-218 को जाम कर दिया, जिससे लंबा जाम लग गया और यातायात घंटों बाधित रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी।
तड़के हुआ समझौता, मुआवजे पर सहमति
प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बैठक के बाद मंगलवार तड़के करीब 2:30 बजे लिखित समझौता हुआ। इसके तहत निर्माण कंपनी के ठेकेदार और वाहन चालक की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल 3 लाख रुपये की सहायता राशि देने पर सहमति बनी।
बच्चों के भविष्य पर सरकार की नजर
इस बीच मंत्री रवींद्र नाथ महतो ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि बच्चों को शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
उपायुक्त का बयान और निगरानी
उपायुक्त ने X पर लिखा—
“Mother has also passed away late last night. BDO and CO are going their home today. Every possible effort is being made for the children’s upbringing and complete education. Additionally, they will be covered under all welfare schemes. I am personally monitoring this.”
प्रशासनिक कार्रवाई जारी
जिला प्रशासन ने बताया कि बीडीओ और सीओ परिवार के घर पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। बच्चों को सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है।

