Bokaro Police turned classrooms into awareness hubs, warning children about dangerous mobile games, fake links, cyber fraud, and online traps while teaching POCSO safety, traffic rules, and emergency helpline awareness.
Bokaro: मोबाइल और इंटरनेट के दौर में बच्चे तेजी से डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं, लेकिन इसके साथ खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं। कोई गेम के बहाने ठगी का शिकार हो रहा है, तो कोई सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंस रहा है। इन बढ़ते खतरों को देखते हुए बोकारो पुलिस ने बच्चों को जागरूक करने के लिए अनोखी पहल शुरू की है।

स्कूलों में पहुंची पुलिस, दिलचस्प अंदाज में दी जानकारी
पुलिस अधीक्षक Nathu Singh Meena के निर्देश पर गोमिया, चतरोचट्टी और माराफारी थाना क्षेत्र के स्कूलों में पुलिस अधिकारी पहुंचकर बच्चों को मनोरंजक और आसान तरीके से जागरूक कर रहे हैं। क्लासरूम में सिर्फ कानून की बातें नहीं हुईं, बल्कि बच्चों को असली घटनाओं और उदाहरणों के जरिए समझाया गया कि एक छोटी गलती कैसे बड़े खतरे में बदल सकती है।
साइबर फ्रॉड और POCSO पर खुलकर हुई चर्चा
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक करना, ओटीपी साझा करना या सोशल मीडिया पर निजी जानकारी डालना साइबर अपराधियों को मौका दे सकता है। वहीं पॉक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए बच्चों को “गुड टच और बैड टच” के बारे में भी खुलकर समझाया गया, ताकि वे किसी भी गलत हरकत के खिलाफ आवाज उठा सकें।

हेल्पलाइन नंबर और सुरक्षा नियमों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112 व 1930 की जानकारी भी दी गई। बच्चों ने सवाल पूछे, अनुभव साझा किए और पुलिस अधिकारियों से खुलकर बातचीत की।
जागरूक और सुरक्षित भविष्य की ओर कदम
बोकारो पुलिस की यह पहल सिर्फ जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम बनती दिख रही है।

