Bokaro: बोकारो टाउनशिप में रहने वाले लोग जिस बात और जज्बात की उम्मीद BSL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) राजश्री बनर्जी और डायरेक्टर-इन-इंचार्ज (DIC) से करते रहे – कि कभी वे उनके हालात देखने आएंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनके दर्द को समझेंगे – वह इंतजार अब भी पूरा नहीं हुआ। लेकिन हां, उनके हालात से रूबरू होने बोकारो के DC अजय नाथ झा जरूर पहुंच गए।

बुधवार को लगातार बारिश के बीच जब DC बोकारो स्टील सिटी के अलग-अलग इलाकों में पहुंचे, लोगों ने उन्हें सिर्फ एक IAS अधिकारी या डीसी के रूप में नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं को सुनने वाले व्यक्ति के रूप में देखा। सेक्टर-12A से लेकर सिटी सेंटर और लक्ष्मी मार्केट तक उन्होंने जलजमाव, जर्जर पानी टंकियों, नालियों, सड़कों, साफ-सफाई और दूसरी नागरिक समस्याओं को मौके पर जाकर देखा। लोगों से बातचीत की और अधिकारियों को समाधान के निर्देश भी दिए।
BSL के ‘साहबों’ से लोग पूछ रहे सवाल
आज पूरे बोकारो में चर्चा इसी बात की है कि बोकारो टाउनशिप का कर्ता-धर्ता BSL है, लेकिन जिस सहजता से जिले के मालिक कहे जाने वाले DC लोगों के बीच पहुंचे, क्या कभी BSL के बड़े अधिकारी भी इसी तरह अपने ही कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और प्लॉट होल्डर्स के बीच पहुंचेंगे ? लोगों का कहना है कि BSL के अधिकारी अगर कभी टाउनशिप के आवासीय इलाकों में जाकर लोगों की परेशानियां अपनी आंखों से देखें, तो शायद फाइलों और रिपोर्टों से कहीं ज्यादा साफ तस्वीर सामने आएगी। BSL के आला अधिकारी अपने परिवार को छोड़कर सिर्फ प्रोडक्शन और प्रॉफिट देखते है।

जर्जर पानी टंकियों पर 10 दिन की मोहलत
सेक्टर-12A में DC ने जर्जर पानी टंकियों वाले आवासीय ब्लॉकों का निरीक्षण किया। BSL के नगर सेवा प्रशासन के CGM कुंदन कुमार ने बताया कि ऐसे 42 ब्लॉक चिह्नित किए गए हैं, जहां पानी की टंकियों और उनकी सीढ़ियों पर अत्यधिक दबाव है। पुरानी बड़ी टंकियों की जगह प्रत्येक फ्लोर के लिए कम क्षमता वाली अलग-अलग टंकियां लगाने की योजना है। DC ने इसे 10 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। तत्काल व्यवस्था के तौर पर टंकियों में फ्लोट लगाने को भी कहा, ताकि पानी ओवरफ्लो होकर बर्बाद न हो।
लोगों से सीधे मिले, शिकायतों पर मांगा सिस्टम

DC ने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही BSL अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतों के लिए कंट्रोल नंबर जारी करने और एक कमेटी गठित करने को कहा, ताकि नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों की नियमित समीक्षा हो और उनका समयबद्ध समाधान किया जा सके।
सिटी सेंटर में भी दिखी बदहाल व्यवस्था
इसके बाद DC सिटी सेंटर पहुंचे, जहां जलजमाव और जल निकासी की स्थिति का जायजा लिया। नालियों की नियमित सफाई, जंगल-झाड़ियों की कटाई और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए गए। जहां तत्काल सड़क मरम्मत संभव नहीं है, वहां अस्थायी रूप से फ्लाई ऐश के इस्तेमाल से आवागमन सुचारु रखने को कहा गया। दुकानों के सामने कॉरिडोर में रखे सामान और अवरोधों को लेकर भी उन्होंने सख्ती दिखाई और दुकानदारों को 30 मिनट के भीतर कॉरिडोर खाली करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि आपदा या दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव दलों की आवाजाही के लिए रास्ते खुले रहने चाहिए।
हर महीने होगी BSL और प्रशासन की बैठक

DC ने SDO, BSL प्रबंधन, DSP और अपर नगर आयुक्त को हर महीने समन्वय बैठक करने का निर्देश दिया। इसमें जलजमाव, नाली, सड़क, कचरा प्रबंधन, पार्किंग और लंबित नागरिक समस्याओं की समीक्षा होगी। उन्होंने बेतरतीब पार्किंग को व्यवस्थित करने, सार्वजनिक स्थलों की सफाई और गंदगी फैलाने वालों पर नियमानुसार जुर्माना लगाने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक दिन की मौजूदगी ने जगा दी उम्मीद
बोकारो के लोगों के लिए बुधवार का दिन सिर्फ एक प्रशासनिक निरीक्षण नहीं रहा। लोगों ने महसूस किया कि कोई अधिकारी उनकी परेशानी देखने उनके दरवाजे तक भी आ सकता है। अब सवाल यही है – जब DC अजय नाथ झा बारिश के बीच लोगों का दर्द देखने पहुंच सकते हैं, तो BSL के वे अधिकारी, जिनके जिम्मे पूरा टाउनशिप है, कब अपने लोगों के बीच जाकर उनकी जिंदगी और परेशानियों को करीब से देखेंगे ?

मौके पर जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, BSL नगर सेवा प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
