Bokaro: हर बार की जद्दोजहद के बाद आखिरकार बोकारो स्टील प्लांट (BSL) का बिजली विभाग झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) को टैरिफ बढ़ाने के लिए राजी करने में सफल रहा। आयोग ने BSL के बिजली टैरिफ में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही बोकारो स्टील सिटी में BSL के क्वार्टर और प्लॉट में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी हो जाएगी। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगी।

जून की जनसुनवाई में विरोध
उपभोक्ताओं ने टैरिफ बढ़ोतरी का विरोध किया था। BSL ने तीन वर्षों में Rs 26 करोड़ निवेश और बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का हवाला दिया।
घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ
BSL के LT घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज 80 रुपये से बढ़ाकर 90 रुपये प्रति कनेक्शन प्रति माह कर दिया गया है। वहीं ऊर्जा शुल्क 3.30 रुपये से बढ़कर 3.75 रुपये प्रति यूनिट हो गया है। यानी फिक्स्ड चार्ज के साथ प्रति यूनिट बिजली की कीमत में भी 45 पैसे की बढ़ोतरी हुई है।

HT घरेलू कनेक्शन भी महंगे
HT घरेलू सेवा के उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज 75 रुपये से बढ़कर 85 रुपये प्रति kVA प्रति माह और ऊर्जा शुल्क 2.85 रुपये से बढ़कर 3.20 रुपये प्रति kVAh हो गया है।
व्यावसायिक बिजली दर में भी इजाफा
कॉमर्शियल सर्विस के लिए फिक्स्ड चार्ज 125 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये प्रति kW प्रति माह कर दिया गया है। ऊर्जा शुल्क भी 5.70 रुपये से बढ़कर 6.40 रुपये प्रति यूनिट हो गया है।
औद्योगिक उपभोक्ताओं की दर भी बढ़ी
LT Industrial Service (LTIS) में फिक्स्ड चार्ज 150 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये प्रति kVA प्रति माह और ऊर्जा शुल्क 4.60 रुपये से बढ़ाकर 5.10 रुपये प्रति kVAh कर दिया गया है।
वहीं High Tension Service (HTS) में फिक्स्ड चार्ज 300 रुपये से बढ़कर 340 रुपये प्रति kVA प्रति माह और ऊर्जा शुल्क 5.05 रुपये से बढ़कर 5.75 रुपये प्रति kVAh हो गया है।
स्ट्रीट लाइट और संस्थागत सेवा भी महंगी
स्ट्रीट लाइट सेवा का फिक्स्ड चार्ज 50 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति kW प्रति माह और ऊर्जा शुल्क 4.50 रुपये से बढ़कर 5 रुपये प्रति यूनिट हो गया है।
HT Institutional Service के लिए फिक्स्ड चार्ज 300 रुपये से बढ़ाकर 340 रुपये प्रति kVA प्रति माह तथा ऊर्जा शुल्क 5.05 रुपये से बढ़ाकर 5.75 रुपये प्रति kVAh कर दिया गया है।
जून की जनसुनवाई में टैरिफ बढ़ोतरी का हुआ था विरोध
जून 2026 में हुई जनसुनवाई के दौरान BSL डिस्कॉम की बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को लेकर उपभोक्ताओं और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई थी। कई उपभोक्ताओं ने टैरिफ नहीं बढ़ाने की मांग करते हुए कहा था कि वे BSL डिस्कॉम की मौजूदा बिजली आपूर्ति और सेवाओं से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं, BSL डिस्कॉम की ओर से जीएम (इलेक्ट्रिकल) ने उपभोक्ताओं के सवालों का एक-एक कर जवाब दिया और उनके आवासीय क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था से जुड़े हालिया विकास की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि कुछ उपभोक्ता साल में केवल एक बार जनसुनवाई में अपनी शिकायत रखने पहुंचते हैं, जबकि BSL डिस्कॉम की ओर से उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए इलेक्ट्रिकल ग्रिवांस वीक और इलेक्ट्रिकल ग्रिवांस डे भी आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में बिजली वितरण व्यवस्था के इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 26 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। जल्द ही बिजली वितरण और बिलिंग की पूरी प्रक्रिया एक ही एजेंसी के माध्यम से संचालित किए जाने की योजना है, जिससे सेवा की गुणवत्ता और व्यवस्था में सुधार हो सके। BSL के लिए यह पहली टैरिफ बढ़ोतरी है और इससे डिस्कॉम को बिजली वितरण नेटवर्क के अपग्रेडेशन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।
कृषि सेवा में बदलाव नहीं
Irrigation & Agriculture Service (IAS) के मामले में फिक्स्ड चार्ज 40 रुपये प्रति HP प्रति माह और ऊर्जा शुल्क 4.50 रुपये प्रति HP ही रखा गया है। इस श्रेणी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
1 अक्टूबर से लागू होगी नई दर
JSERC के BSL टैरिफ आदेश के अनुसार FY 2026-27 की संशोधित दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। इससे BSL के बिजली वितरण क्षेत्र में घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
