Bokaro: विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) के मेडिसिन विभाग की ओर से मंगलवार को निःशुल्क फाइब्रोस्कैन जांच शिविर का आयोजन किया गया। अस्पताल परिसर में आयोजित इस दिवसीय शिविर का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, वरिष्ठ चिकित्सकों, अस्पताल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में किया।

फाइब्रोस्कैन से आसान हुई लिवर की जांच
शिविर में मरीजों को फाइब्रोस्कैन जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। चिकित्सकों के अनुसार, फाइब्रोस्कैन के माध्यम से लिवर की स्टिफनेस (कठोरता) का आकलन किया जाता है, जिससे लिवर में होने वाले बदलावों और बीमारियों की पहचान में मदद मिलती है। यह जांच विशेष रूप से मधुमेह, मोटापा, लंबे समय तक शराब के सेवन, क्रोनिक हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी संक्रमण से जुड़े फैटी लिवर के मरीजों के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है।

बिना दर्द और बिना चीरा-टांका की आधुनिक तकनीक
चिकित्सकों ने बताया कि फाइब्रोस्कैन एक त्वरित, सुरक्षित और पूरी तरह नॉन-इनवेसिव जांच प्रक्रिया है। इसमें मरीज को किसी प्रकार का दर्द नहीं होता और न ही किसी तरह के चीरा या टांके की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने कहा कि क्रोनिक लिवर रोगों की पहचान के लिए यह तकनीक अल्ट्रासोनोग्राफी की तुलना में अधिक उन्नत मानी जाती है। इसके माध्यम से लिवर संबंधी गंभीर समस्याओं का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे समय पर उपचार शुरू कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिया जा सकता है।
समय पर जांच से रोकी जा सकती हैं गंभीर बीमारियां
शिविर में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सकों ने लोगों को लिवर की नियमित जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लिवर रोगों की समय पर पहचान होने पर उनका प्रभावी उपचार संभव है। शुरुआती अवस्था में बीमारी का पता लगने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। चिकित्सकों ने आम लोगों से बीजीएच में उपलब्ध निःशुल्क फाइब्रोस्कैन जांच सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
करीब 90 मरीजों की हुई जांच
शिविर के दौरान लगभग 90 मरीजों की फाइब्रोस्कैन जांच की गई। चिकित्सकों की टीम ने मरीजों की जांच के साथ उन्हें लिवर को स्वस्थ रखने, खान-पान में सावधानी बरतने और जीवनशैली में सुधार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं।

