Bokaro : बोकारो में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महज 12 घंटे के भीतर जिले में साइबर ठगी के तीन मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है। अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों से कुल करीब 6.48 लाख रुपये की ठगी की गयी। सबसे चौंकाने वाली घटना में ट्रेन में हुई मुलाकात ही ठगी का रास्ता बन गयी और एक व्यक्ति को 5.95 लाख रुपये की भारी चपत लगा दी गयी। मामलों की जानकारी मिलते ही मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने त्वरित कार्रवाई शुरू करायी। पुलिस की सक्रियता से एक मामले में 2.74 लाख रुपये की ठगी की रकम होल्ड कराने में सफलता मिली है। इससे पीड़ित को रकम वापस मिलने की उम्मीद बढ़ गयी है।
ट्रेन में दोस्ती, अस्पताल की कहानी और फिर 5.95 लाख की ठगी
सबसे बड़ी साइबर ठगी चास के कुंवर सिंह कॉलोनी निवासी शशिरंजन के साथ हुई। पुलिस के अनुसार, ट्रेन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने अपने बेटे के अस्पताल में भर्ती होने की बात बताकर सहानुभूति हासिल की। इसके बाद बातचीत धीरे-धीरे नेटवर्किंग से जुड़ी गतिविधियों तक पहुंच गयी। आरोपी ने अपनी बातों के जाल में शशिरंजन को इस तरह उलझाया कि उन्हें ठगी का अंदेशा तक नहीं हुआ। इसी दौरान साइबर अपराधी ने उनसे करीब 5.95 लाख रुपये की रकम ठग ली। घटना की जानकारी पुलिस को मिलते ही साइबर लेन-देन को ट्रैक करने की कार्रवाई शुरू की गयी। पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए 2.74 लाख रुपये होल्ड करा दिये। अब इस रकम की वापसी की उम्मीद जगी है।

पेटीएम के जरिए खाते से निकाले 29,298 रुपये
दूसरी घटना पिंड्राजोरा निवासी बहादुर महतो के साथ हुई। उनके बैंक खाते से पेटीएम के माध्यम से 29,298 रुपये की निकासी कर ली गयी। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने लेन-देन से संबंधित जानकारी जुटाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर टीम यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किस खाते या माध्यम तक पहुंची।

होमगार्ड जवान भी साइबर ठगों के जाल में फंसे
तीसरी घटना कैंप टू निवासी होमगार्ड जवान मनीष कुमार सिंह के साथ हुई। साइबर अपराधियों ने उनसे करीब 29 हजार रुपये की ठगी कर ली। पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम जिस बैंक खाते में भेजी गयी, वह पूजा ठाकुर के नाम पर बताया जा रहा है। पुलिस अब खाते से जुड़े लेन-देन और अन्य संदिग्ध कड़ियों की जांच कर रही है।
12 घंटे में तीन घटनाओं ने बढ़ायी चिंता
एक ही जिले में कुछ ही घंटों के भीतर तीन साइबर ठगी की घटनाएं सामने आना पुलिस और आम लोगों दोनों के लिए चिंता का विषय है। खासकर ट्रेन में सामान्य बातचीत के बाद लाखों रुपये की ठगी का मामला यह बताता है कि साइबर अपराधी अब केवल ऑनलाइन संपर्क तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आमने-सामने की मुलाकात और भरोसे का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
डीएसपी की अपील—सतर्क रहें, जानकारी साझा न करें
मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने लोगों से साइबर अपराधों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, पासबुक, एटीएम कार्ड या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि खाते से कोई संदिग्ध लेन-देन होता है तो बिना देर किये पुलिस को सूचना दें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने और उसे वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार सतर्कता है। अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
