Bokaro: निजी अस्पतालों के भवन निर्माण से जुड़े नियमों के पालन पर सवाल खड़े हुए हैं। झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार (झमाडा) की जांच में बोकारो जिले के दो अस्पतालों में बिल्डिंग बायलाज-2016 के उल्लंघन का मामला सामने आया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर झमाडा ने संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
नोटिस पाने वाले अस्पतालों में मां शारदा अस्पताल (बोकारो) और स्वातिक अस्पताल (चंद्रपुरा) शामिल हैं। इसके अलावा धनबाद जिले के बरवाअड्डा स्थित आम्रपाली अस्पताल को भी नोटिस जारी किया गया है।

झमाडा की टीम ने पूर्व में इन अस्पतालों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान भवन निर्माण से संबंधित निर्धारित मानकों के अनुपालन में कमियां पाई गईं। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन से भवन का स्वीकृत नक्शा, फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित प्रमाणपत्र समेत अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। इन्हें एक सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया गया है।

आवासीय नक्शे पर अस्पताल चलाने की शिकायत
झमाडा को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी अस्पताल बिना स्वीकृत नक्शे के भवनों का निर्माण कर रहे हैं, जबकि कई जगह आवासीय भवन के नक्शे पर व्यावसायिक गतिविधियों के तहत अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। इसके बाद विभाग ने जांच शुरू की थी।
झमाडा के सचिव प्रकाश कुमार ने बताया कि जांच के दौरान जिन अस्पतालों में कमियां मिली हैं, उन्हें नोटिस भेजकर नक्शा और अन्य जरूरी प्रमाणपत्र मांगे गए हैं। निर्धारित समय में जवाब और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
धनबाद के सात अस्पताल भी जांच के दायरे में
झमाडा की कार्रवाई में बोकारो और धनबाद के कुल नौ अस्पताल शामिल हैं। इनमें बोकारो जिले के दो और धनबाद जिले के सात अस्पताल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भवन निर्माण से जुड़े नियमों और जरूरी वैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
