Bokaro: ज़िले के तेनुघाट डैम से सटे दामोदर नदी पर बने पुल से बुधवार को एक 17 वर्षीय किशोरी ने आत्महत्या की नीयत से नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, किशोरी को तैरना आता था, जिसके कारण वह तेज बहाव के बीच एक पत्थर तक पहुंचने में सफल रही। पत्थर पर पहुंचने के बाद उसका मन बदल गया, लेकिन वह नदी की तेज धारा के बीच फंस गई। किशोरी को नदी के बीच पत्थर पर फंसा देख आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल तेनुघाट पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
छह रेडियल गेट खुले होने से नदी में था तेज बहाव
तेनुघाट पुलिस आउटपोस्ट के थाना प्रभारी, भजन लाल महतो ने बताया कि घटना के समय तेनुघाट डैम के छह रेडियल गेट खुले हुए थे। इसके कारण दामोदर नदी में पानी का बहाव काफी तेज था। उन्होंने बताया कि तैराकी में दक्ष होने के कारण किशोरी छलांग लगाने के बाद नदी के बीच एक पत्थर तक पहुंच गई थी। पुलिसकर्मियों ने पत्थर पर फंसी किशोरी को इशारों के जरिए हिम्मत दी और उसे शांत रहने को कहा। इसके बाद तेनुघाट डैम प्रबंधन से संपर्क कर कुछ समय के लिए गेट बंद करने का अनुरोध किया गया। पानी का बहाव नियंत्रित होते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया और किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बहन की डांट से थी नाराज
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में किशोरी ने बताया कि किसी बात को लेकर उसकी बड़ी बहन ने उसे डांट दिया था। इससे वह काफी नाराज और परेशान थी और आवेश में आकर उसने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया। नदी में छलांग लगाने के बाद उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने किसी तरह पत्थर तक पहुंचकर अपनी जान बचाई। किशोरी के पिता ने तेनुघाट पुलिस, डैम प्रबंधन और स्थानीय लोगों का आभार जताया। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी किसी बात को लेकर काफी परेशान थी। किशोरी ने पुलिस से वादा किया कि वह अब कभी भी जीवन में ऐसा गलत कदम नहीं उठाएगी।
तेनुघाट प्रशासन, डैम प्रबंधन, पुलिस और स्थानीय नागरिकों की सूझबूझ, त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयास से किशोरी को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि संकट की घड़ी में थोड़ी सी तत्परता किसी की जिंदगी बचा सकती है।

