Bokaro: जिले के बेरमो कोयलांचल स्थित पांच नंबर धौड़ा क्षेत्र में अचानक भूधंसान की घटना से स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई। तेज आवाज के साथ सड़क किनारे की जमीन धंसते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर सड़क की ओर भागीं, जबकि बुजुर्गों के चेहरों पर डर साफ दिखाई दे रहा था।

घनी आबादी के बीच बढ़ता खतरा, नीचे धधक रही आग
घटना स्थल के आसपास सैकड़ों परिवारों की घनी आबादी बसी हुई है, जिससे खतरा और भी गंभीर हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सड़क के दोनों ओर जमीन के नीचे वर्षों से आग सुलग रही है और कई जगहों से धुएं का उत्सर्जन देखा जा रहा है।

कोयला परिवहन मार्ग पर संकट, औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका
जहां यह घटना हुई, वह सीसीएल की महत्वपूर्ण कोयला परिवहन सड़क है, जिसे क्षेत्र की लाइफलाइन माना जाता है। यहां से प्रतिदिन भारी मात्रा में कोयले का परिवहन होता है, ऐसे में भूधंसान और आग का खतरा औद्योगिक संचालन के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।
वैकल्पिक सड़क और सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन जारी
सीसीएल ढोरी प्रबंधन ने स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक सड़क निर्माण और सुरक्षा उपायों पर विचार शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों के पुनर्वास पर भी योजना बनाई जा रही है।
स्थानीय लोगों में भय, स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। लगातार हो रही घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जमीन के नीचे सुलगती आग और भूधंसान का स्थायी हल कब निकलेगा।
(By CurrentBokaro Team)

