Bokaro: शहर बोकारो पावर सप्लाई कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (BPSCL) के कोल हैंडलिंग प्लांट में ड्यूटी के दौरान एक संविदा कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद गुरुवार को भारी हंगामा देखने को मिला। घटना से आक्रोशित परिजनों और साथी कर्मियों ने बोकारो जनरल हॉस्पिटल (BGH) के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए मुआवजा और आश्रित को नौकरी देने की मांग की।

BGH मुख्य गेट पर कई घंटों तक चला विरोध प्रदर्शन
मृतक के परिजन स्थाई नौकरी और मुआवजा की मांग कर रहे थे। इसी को लेकर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल परिसर के बाहर जुट गए और कई घंटों तक प्रदर्शन करते रहे। धरने के कारण अस्पताल के मुख्य गेट पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। आने-जाने वाले मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। परिजन लगातार उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार देने की मांग पर अड़े रहे।

प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया। मौके पर डीएसपी राजीव रंजन, फैक्ट्री इंस्पेक्टर शिवानंद लागुरी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तैनात किए गए। वहीं BPSCL प्रबंधन की ओर से डीजीएम (इंचार्ज) गगन गुप्ता और एजीएम विजया प्रसाद ने परिजनों से वार्ता की और मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया। लंबी बातचीत के बाद BPSCL प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को लगभग 8 लाख रुपये मुआवजा देने और आश्रित को स्थायी नौकरी का ऑफर लेटर सौंपने पर सहमति जताई। इसके बाद परिजनों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और अस्पताल परिसर में स्थिति सामान्य हुई।
24 घंटे तक मोर्चरी में रखा रहा शव
जानकारी के अनुसार मृतक का शव पिछले 24 घंटे से BGH की मोर्चरी में रखा गया था। घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में संविदा कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। श्रमिकों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग भी उठाई है। मृतक की पहचान 37 वर्षीय शिव शंकर हेम्ब्रम के रूप में हुई है। वह यूटिलिटी पोवेटेक लिमिटेड (NTPC और Reliance की जॉइंट वेंचर कंपनी) के माध्यम से BPSCL में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। घटना की सूचना मिलते ही फैक्ट्री इंस्पेक्टर शिवानंद लागुरी मौके पर पहुंचे थे और जांच की थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद खुलेगा मौत का राज
फिलहाल मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। फैक्ट्री इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत संविदा कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
(By CurrentBokaro team)

