Bokaro: बोकारो में नदियों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नमामि गंगे योजना के तहत आयोजित जिला गंगा समिति की बैठक में उपायुक्त अजय नाथ झा ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में डी-सिल्टिंग चैम्बर के जल्द उद्घाटन, नदियों की बायोडायवर्सिटी मैपिंग और वनाग्नि रोकथाम की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया।

नदियों में गाद की समस्या कम करने की तैयारी
समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में उपायुक्त ने चास नगर निगम द्वारा निर्मित डी-सिल्टिंग चैम्बर के शीघ्र उद्घाटन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था नदियों और अन्य जल निकायों में गाद जमाव की समस्या को कम करने तथा जल संरक्षण को मजबूत करने में मददगार होगी।

जिले की सभी नदियों की होगी पहचान और मैपिंग
बैठक में जिले की सभी नदियों और उनके आसपास के क्षेत्रों की पहचान एवं सूचीकरण को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। साथ ही वन विभाग को नदियों के किनारे मौजूद जैव विविधता का वैज्ञानिक अध्ययन और बायोडायवर्सिटी मैपिंग कराने का निर्देश दिया गया। इससे स्थानीय वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और पारिस्थितिकीय संसाधनों का सटीक आकलन किया जा सकेगा।
नदी पुनर्जीवन के लिए बनेगी दीर्घकालिक योजना
उपायुक्त ने कहा कि नदियों के प्राकृतिक जल प्रवाह और पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर एकीकृत और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
एल-नीनो के बीच वनाग्नि पर विशेष नजर
बैठक में एल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए वनाग्नि की घटनाओं पर विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। वन विभाग को रोकथाम और शमन उपायों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए सीसीएल, ओएनजीसी और बीएसएल के सहयोग से संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
(By Currentbokaro team )

