Bokaro: जिले में कुपोषण के खिलाफ चल रहे अभियान को और प्रभावी बनाने को लेकर जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में ई-टेलीमेडिसिन एवं मोबाइल पोषण वैन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में राज कुमारी फाउंडेशन की ओर से गोमिया और पेटरवार प्रखंडों में संचालित स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई।

गांव-गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य सुविधाएं
बैठक के दौरान बताया गया कि गोमिया और पेटरवार प्रखंड के 27 आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषक क्षेत्रों में मोबाइल पोषण एवं ई-टेलीमेडिसिन कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों और महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। कार्यक्रम के तहत अब तक 828 बच्चों की पोषण जांच की जा चुकी है। इनमें से जरूरतमंद बच्चों को गहन पोषण देखभाल (इंटेंसिव केयर पाथवे) से जोड़ा गया है। वहीं 653 लोगों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श उपलब्ध कराया गया है।

पोषण निगरानी से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार
अधिकारियों ने बताया कि नियमित पोषण आहार, स्वास्थ्य परामर्श और लगातार निगरानी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। मोबाइल पोषण वैन के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर उपायुक्त ने दिया जोर
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान है। उन्होंने नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल, धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचाने को कहा।
एमटीसी में इलाज के प्रति जागरूकता बढ़ाने का निर्देश
बैठक में बेरमो स्थित माल्न्यूट्रिशन ट्रीटमेंट सेंटर (एमटीसी) की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कई अभिभावक गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को एमटीसी में भर्ती कराने से झिझकते हैं। इस पर उपायुक्त ने चिंता जताते हुए कहा कि गंभीर कुपोषित बच्चों का समय पर इलाज बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को एमटीसी में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और केंद्रों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाने का निर्देश दिया।
स्थानीय पौष्टिक आहार को बढ़ावा देने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की जगह स्थानीय पोषण आहार के उपयोग को प्रोत्साहित करने और कुपोषण उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने पर बल दिया।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, सिविल सर्जन डॉ. एबी प्रसाद, जिला मलेरिया पदाधिकारी रवि कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह, झारखंड प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु पदाधिकारी, फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

