Bokaro: भारती साहित्य परिषद बोकारो की ओर से रविवार को सेक्टर-5 स्थित सदगुरु सदाफलदेव आश्रम में तुलसी जयंती समारोह सह काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, कवियों और कवयित्रियों ने गोस्वामी तुलसीदास के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि सेल के पूर्व अधिशासी निदेशक उदय प्रताप सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार बुद्धिनाथ झा, संस्था के मुख्य संरक्षक व वरिष्ठ साहित्यकार सुख नंदन सिंह सदय सहित अन्य पदाधिकारियों और कवि-कवयित्रियों ने गोस्वामी तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर किया। संस्था की ओर से मुख्य अतिथि और कार्यक्रम अध्यक्ष को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
भजन और सरस्वती वंदना से भक्तिमय हुआ वातावरण
कार्यक्रम के दौरान कवयित्री गीता कुमारी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। वहीं गायिका रंजू सिंह और निशा पाठक ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भजनों की प्रस्तुति दी। भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।

तुलसीदास के जीवन और साहित्य पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास के जीवन, व्यक्तित्व और उनकी साहित्यिक कृतियों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि तुलसीदास भक्ति काव्य परंपरा के महान कवियों में शामिल हैं। उनकी कालजयी रचना रामचरितमानस भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चित और प्रशंसित है।
भारतीय संस्कृति की अद्भुत व्याख्या का माध्यम है रामचरितमानस
वक्ताओं ने कहा कि तुलसीदास ने रामचरितमानस सहित अपनी अन्य रचनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और भक्ति भावना की अद्भुत व्याख्या की। भक्ति साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें सदैव श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता रहेगा। प्रथम सत्र का संचालन डॉ. राम नारायण सिंह ने किया।
काव्य गोष्ठी में कवियों ने प्रस्तुत की रचनाएं
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका संचालन संस्था के अध्यक्ष डॉ. परमेश्वर भारती ने किया। पूर्णेन्दु कुमार सिंह, दीनानाथ ठाकुर, करुणा कलिका, शैलजा झा, कस्तूरी सिन्हा, अमृता शर्मा, ज्योति वर्मा, नीलम झा, रवि शंकर मिश्र, रीना यादव, डॉ. रंजना श्रीवास्तव, नीतु सिसौदिया, विजय शंकर मल्लिक सुधापति, मनोज निशांत, मनोज उपाध्याय उर्फ सुमनजी, ललन तिवारी, अरुण पाठक और सुदर्शन प्रसाद सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को आनंदित किया।
बोकारो की साहित्यिक सक्रियता पर जताई खुशी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार बुद्धिनाथ झा ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि बोकारो आज भी साहित्यिक रूप से जीवंत शहर है। तुलसी जयंती सह काव्य गोष्ठी में कवि-कवयित्रियों की अच्छी उपस्थिति साहित्य के प्रति लोगों की रुचि और सक्रियता को दर्शाती है।
अरुण पाठक ने किया धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में मीडिया प्रभारी अरुण पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर भुटकुन झा, शंभु झा, आरती सिंह, खुश्बू, गोविन्द मेहता, मदन ठाकुर, विश्वनाथ झा, आश्रम व्यवस्थापक नीतेश कुमार महतो, संतोष कुमार महतो सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


